नई दिल्ली: अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने और मुकदमे के वादी एवं कोर्ट रिसीवर के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज कराने की धमकी देने के आरोप में बंबई हाईकोर्ट ने एक महिला और उसके पति पर 25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है. न्यायमूर्ति एस जे कथावाला ने इस महीने जारी आदेश में नेहा गांधी नामक महिला के प्रयासों पर आपत्ति जतायी. महिला ने कोर्ट रिसीवर और वादी को अपना काम करने से रोकने का प्रयास किया था और उनके खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज करने की धमकी दी थी.

अदालत दवा कंपनी ‘सपत एंड कंपनी’ की ओर से ‘फील गुड इंडिया’ के खिलाफ दायर बौद्धिक संपदा अधिकार उल्लंघन के मुकदमे में सुनवाई कर रही थी. नेहा गांधी और उसके पति ‘फील गुड इंडिया’ नामक कंपनी के मालिक हैं. ‘सपत एंड कंपनी’ का आरोप था ‘फील गुड इंडिया’ ने उनकी डिजाइन का नकल कर अपनी कफ सिरप दवाइयों की पैकेजिंग की.

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि बार-बार अदालत ने यह ध्यान दिलाया है कि सामाजिक रूप से सक्षम बनाने वाले कुछ कानूनों का दुरुपयोग किया जाता है. महिला होने का फायदा उठाया जाता है जिनके सशक्तिकरण के लिये ये कानून बनाये गये हैं. इन सभी बातों पर गौर करते हुए अदालत ने फील गुड इंडिया के मालिकों को बतौर जुर्माना 25 लाख रुपये जमा कराने का निर्देश दिया. अदालत के आदेश के अनुसार, ‘इनमें से पांच लाख रुपये वादी को और शेष राशि किसी अस्पताल को जमा करायी जाएगी.