Bosnia Drina River Europe Ki Ye Nadi Bani Duniya Ki Sabse Badi Garbage Dump
सबसे बड़ी गार्बेज डंप बनी यूरोप की ये नदी, हालात देखकर आंखें फटी रह जाएंगी
Bosnia Drina River: बोस्निया की ड्रिना नदी एक विशाल कचराघर में तब्दील हो चुकी है. 10 हजार क्यूबिक मीटर का यह कचरा न केवल पानी को जहरीला बना रहा है, बल्कि इसे जलाने से होने वाला वायु प्रदूषण पूरे शहर के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन गया है.
सबसे बड़ी गार्बेज डंप बनी यूरोप की ये नदी, हालात देखकर आंखें फटी रह जाएंगी
Bosnia floating Garbage dump: खूबसूरत वादियों के बीच बहने वाली बोस्निया की ड्रिना नदी आज कचरे की नदी में तब्दील हो गई है.
बोस्निया के वाइसग्रैड इलाके में ड्रिना नदी अब पानी से कम और कचरे से ज्यादा भरी दिखती है. हजारों टन प्लास्टिक बोतलें, पुराने टायर और जंग लगे बैरल नदी की सतह पर तैर रहे हैं, जो दूर से किसी टापू की तरह नजर आते हैं. प्रदूषण के प्रति ढीले नियमों और कचरा प्रबंधन की कमी ने इस प्राकृतिक धरोहर को एक तैरते हुए डंपिंग ग्राउंड में बदल दिया है.
कचरे के ढेर में क्या-क्या शामिल है?
सर्दियों और बारिश के मौसम को यहां गारबेज सीजन कहा जाता है. भारी बारिश और बर्फबारी के कारण पहाड़ों और घाटियों में डंप किया गया कचरा बहकर ड्रिना नदी में जमा हो जाता है, जिससे कचरे का आकार कई गुना बढ़ जाता है. वहीं, कचरे के इस विशाल ढेर में केवल प्लास्टिक ही नहीं, बल्कि घरेलू उपकरण, डिब्बे, लकड़ियां और रसायनिक कचरा भी मौजूद है. यह कचरा न केवल पानी को दूषित कर रहा है, बल्कि नदी के पूरे इकोसिस्टम को रसायनिक तौर पर जहरीला बना रहा है.
बैरियर से रोकने की मजबूरी
ड्रिना नदी के जरिए हजारों टन कचरे को निचले इलाकों में बहने से रोकने के लिए हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्लांट की टीम ने एक विशेष बैरियर बनाया है. यह बैरियर कचरे को सर्बिया और मॉन्टेनेग्रो जैसे पड़ोसी देशों में फैलने से रोकता है.
एक्सपर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में नदी में करीब 10 हजार क्यूबिक मीटर कचरा जमा है. इसे साफ करने में कम से कम 6 महीने का समय लगेगा, लेकिन खराब मौसम और संसाधनों की कमी इस सफाई अभियान में बड़ी बाधा बनी हुई है.
क्यों बनी ऐसी भयावह स्थिति?
बोस्निया में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर नियम बहुत कमजोर हैं, साथ ही देश में आधुनिक वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट की कमी है. उचित कचरा प्रबंधन व्यवस्था न होने के कारण नदियां ही कचरा फेंकने का एकमात्र जरिया बन गई हैं, जो अब एक अंतरराष्ट्रीय समस्या बन चुकी है. इसके अलावे वाइसग्रैड की नगरपालिका के पास इस कचरे को रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है. विकल्प न होने के कारण डंपिंग यार्ड में कचरा जलाया जाता है, जिससे निकलने वाला जहरीला धुआं स्थानीय निवासियों के लिए कैंसर और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा पैदा कर रहा है.
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स्थानीय लोग और पर्यटक सालों से कचरा सीधे नदी में फेंकते आ रहे हैं. इसके अलावा, लोग कचरा थैलियों में भरकर पेड़ों पर लटका देते हैं, जो बाद में बारिश के पानी के साथ नदी में समा जाता है.
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