नई दिल्ली: महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मासिक धर्म स्वच्छता दिवस पर लोगों से लड़कियों के साथ ही लड़कों को भी इस तथ्य को लेकर शिक्षित करने की अपील की कि रजस्वला (मासिक धर्म) होना कोई शर्म की बात नहीं है. Also Read - स्मृति ईरानी का कांग्रेस पर जोरदार हमला, बोलीं- जिनकी नियत सिर्फ देश को लूटने की हो वो पीएम मोदी को क्या समझेंगे

मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, 28 मई अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस है. आइए महिलाओं के यौन और प्रजनन स्वास्थ्य अधिकारों से संबंधित मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाएं. समाज द्वारा समर्थित होने पर एक महिला क्या हासिल कर सकती है, इसकी कोई सीमा नहीं है. Also Read - Video: मिस इंडिया प्रतियोगिता में रैंप वॉक करती दिखीं स्मृति ईरानी, एकता कपूर ने वीडियो शेयर कर कहा- मुझे गर्व है

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जन औषधी केंद्रों के जरिए भारत की लाखों महिलाओं को ‘सेनेटरी नैपकीन’ किफायती दामों में उपलब्ध कराए जा रहे हैं. Also Read - स्मृति ईरानी ने कहा- कांग्रेस देश की चुनौतियों से फायदा उठाने की कोशिश में है, वो यही कर सकती है

ईरानी ने ट्वीट किया, ” जन औषधी केंद्र के जरिए लाखों भारतीय महिलाओं को किफायती दामों में ‘सेनेटरी नैपकीन’ उपलब्ध कराए जा रहे हैं ताकि मासिक धर्म से जुड़ी स्वच्छता सुनिश्चित की जा सके. मासिक धर्म स्वच्छता दिवस 2020 पर ना केवल लड़कियों को बल्कि लड़कों को भी इस तथ्य को लेकर शिक्षित करने का संकल्प करें की रजस्वला कोई शर्म की बात नहीं है.’’

ईरानी ने कहा माहवारी और मासिक धर्म स्वच्छता के बारे में जागरूकता पैदा करना समय की आवश्यकता है. सुरक्षित मासिक धर्म स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देकर महिलाओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखें.

उन्‍होंने ट्वीट किया, पुणे की एक संस्था, SWACH के अपशिष्ट संग्रहकर्ताओं से, मासिक धर्म के कचरे को अलग करने के लिए लोगों से आग्रह करते हुए, अपने मासिक धर्म के कचरे पर एक साधारण लाल बिंदु स्वच्छता कर्मचारियों को कई स्वास्थ्य समस्याओं से दूर रख सकता है.”

‘मासिक धर्म स्वच्छता दिवस’ हर वर्ष 28 मई को मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के महत्व को रेखांकित करने के लिए मनाया
जाता है.