नई दिल्ली: इंस्टाग्राम पर ‘बॉयज लॉकर रूम’ नाम का ग्रुप बनाकर कम उम्र की लड़कियों से रेप की योजना बनाने वाले लड़कों में से एक को अरेस्ट कर लिया गया है. ये लड़का ग्रुप का एडमिन है. उसे दिल्ली पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ ने गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने बताया कि ‘’बॉयज लॉकर रूम’ नामक इस ग्रुप का इस्तेमाल अश्लील संदेशों तथा बच्चियों की, छेड़छाड़ के बाद तैयार की गई तस्वीरें सोशल मीडिया साइट पर शेयर करने के लिए किया जाता था. उन्होंने बताया कि सोमवार को एक किशोर को पकड़ा गया था, जो ग्रुप का सदस्य भी है. Also Read - Tabligi Markaz: मौलान साद की बढ़ने वाली हैं मुश्किलें, 20 देशों के 83 विदेशियों के खिलाफ मामला दर्ज, 14000 पन्नों की है चार्जशीट

पुलिस ने बताया कि नाबालिगों सहित, इस ग्रुप के दस सदस्यों की भी पहचान की गई है. उन्होंने बताया कि आरोपी से पूछताछ की गई और अपराध के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों को जब्त कर लिया गया. दिल्ली पुलिस के अतिरिक्त पीआरओ अनिल मित्तल ने बताया ‘साइपैड यूनिट ने कथित ग्रुप और उसके सदस्यों के बारे में इंस्टाग्राम से जानकारी मांगी है. अभी जवाब का इंतजार किया जा रहा है. ग्रुप के सदस्यों के पास से उपकरण लेकर जब्त कर लिए गए हैं. इन उपकरणों को फॉरेन्सिक विश्लेषण के लिए भेजा गया है.’ उन्होंने बताया कि ग्रुप के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच की जा रही है. Also Read - 916 तब्लीगी जमातियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस लेगी बड़ा एक्शन, इन आरोपों के तहत दायर होगी चार्जशीट

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वयस्क आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. ग्रुप के नाबालिग सदस्यों से किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के अनुसार, जानकारी हासिल की जा रही है. पूर्व में इंस्टाग्राम ने कहा था कि वह इस मुद्दे को बहुत गंभीरता से ले रहा है और इस तरह के आचरण की अनुमति बिल्कुल नहीं देता. इंस्टाग्राम के अनुसार, बच्चियों की तस्वीरों वाली आपत्तिजनक सामग्री, जानकारी मिलने के तत्काल बाद प्लेटफार्म से हटा दी गई. Also Read - दिल्ली पुलिस के कोरोना संक्रमित कर्मचारियों को 1 लाख के बजाय मिलेंगे सिर्फ 10 हजार रुपये, अधिकारियों ने लिया फैसला

इस मामले पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने इंस्टाग्राम और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया. पुलिस ने बताया कि इस मामले में शामिल कुछ लोग राष्ट्रीय राजधानी के प्रतिष्ठित स्कूलों से हैं. एक लड़की ने इस ग्रुप की गतिविधियों के कुछ स्क्रीन शॉट शेयर किए, जिसके बाद इस ग्रुप का पता चला. पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान उसने पाया कि इस ग्रुप के लोग इसका इस्तेमाल अश्लील संदेश और छेड़छाड़ से तैयार तस्वीरों को शेयर करने के लिए कर रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि आईटी कानून और आईपीसी की प्रासंगिक धाराओं के तहत सोमवार को एक मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एकत्र सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.