ब्रह्मोस, अस्त्र मिसाइल, स्ट्रेट ऑफ मलक्का, EVM समेत भारत-इंडोनेशिया में 10 से ज्यादा समझौते

Written By: Arun Kumar Updated by: Arun Kumar
Updated Date:July 7, 2026 12:43 PM IST

तीन देशों के दौरे की पहली कड़ी इंडोनेशिया पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ मिलकर कई सामरिक महत्व के मुद्दों पर समझौते किए हैं. इस दौरे पर उन्होंने भारत को सामरिक रूप से मजबूत करने की दिशा में उल्लेखनीय काम किया है.

एक्ट ईस्ट पॉलिसी (AEP) के तहत तीन देशों की यात्रा पर निकले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी इस यात्रा के पहले ही पड़ाव में चीन को झटका दे दिया है. भारत ने इंडोनेशिया के साथ विकास और तकनीक के क्षेत्र में कई अहम समझौते किए हैं. पीएम मोदी की इस यात्रा पर दोनों देशों के बीच अलग-अलग क्षेत्र में 10 से ज्यादा समझौते हुए हैं. भारत रक्षा और समुद्री क्षेत्र में भी इंडोनेशिया का साझीदार बना है. इसके अलावा दोनों देश रेयर अर्थ मटीरियल, स्टील, निकेल और परमानेंट मैग्नेट से जुड़े मामलों में भी ये समझौते हुए हैं. दोनों देशों के बीच हुए ये समझौते सामरिक दृष्टि से कई अहम माने जा रहे हैं.

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इंडोनेशिया का सबांग पोर्ट विकसित करेगा भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने इन विभिन्न विषयों पर मिलकर चर्चा की और 10 से ज्यादा इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए. इनमें सबसे अहम यह है कि भारत मलक्का जलडमरू मार्ग (स्ट्रेट ऑफ मलक्का) के पास मौजूद इंडोनेशिया के सबांग पोर्ट को विकसित करेगा. भारत की सामरिक दृष्टि से यह समझौता खास है, जो भारत के ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट से 100 मील की दूरी पर है.

सामरिक दृष्टि से भारत के लिए यह समझौता अहम

मलक्का जलडमरू मध्य (स्ट्रेट ऑफ मलक्का) मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच मौजूद अहम जलमार्ग है, जिसके जरिए चीन अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए 80 फीसदी कच्चा तेल इसी मार्ग से लेकर जाता है. यह दुनिया के सबसे बिजी जलमार्गों में से एक है,जहां वैश्विक व्यापार का 22 फीसदी हिस्सा यहीं से होकर जाता है. समुद्री मार्ग से ढोए जाने वाले वैश्विक कच्चे तेल का 29 फीसदी हिस्सा इसी जलमार्ग से होकर जाता है. यह हिंद महासागर को दक्षिण चीन सागर से होते हुए प्रशांत महासागर से जोड़ता है. यह जलमार्ग एशिया के मैन्यूफैक्चरिंग हब को ऊर्जा संपन्न मध्य-एशिया से जोड़ने वाला अहम मार्ग है.

इंडोनेशिया को EVM बनाने में मदद देगा भारत

इंडोनेशिया में होने वाले आम चुनावों के लिए भारत और इंडोनेशिया मिलकर काम करेंगे. भारत इंडोनेशिया के लिए खास तौर से इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) बनाने में मदद करेगा. यह तकनीकी साझेदारी के रूप में दोनों देशों के बीच बड़ा कदम है.

रक्षा क्षेत्र में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलें खरीदेगा इंडोनेशिया

अपने रक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में इंडोनेशिया भारत से भारत में बनी हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल अस्त्र खरीदने का फैसला किया है. इंडोनेशिया ने इस मिसाइल की ताकत को भारत के पाकिस्तान पर छेड़े ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखी थी. इसके बाद उसने भी अपने रक्षा बेड़े में इस मिसाइल को शामिल करने का फैसला लिया है. इसके अलावा इंडोनेशिया अपने ब्रह्मोस मिसाइल भंडार को बढ़ाने का फैसला किया है. उम्मीद है कि भारत उसे अतिरिक्त कोस्टल डिफेंस बैटरी (तटीय सुरक्षा प्रणालियां) देगा, जिससे इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में जकार्ता की समुद्री सुरक्षा क्षमताएं और मजबूत होंगी.

रेयर अर्थ मटीरियल प्रोजेक्ट

दोनों देशों के बीच क्रिटिकल मिनरल्स और स्टील सेक्टर की सप्लाई चेन को मजबूत बनाने को लेकर डील हुई. भारत, इंडोनेशिया में इन रेयर अर्थ मटीरियल्स को निकालने में निवेश करेगा.

UPI पेमेंट सिस्टम

भारतीय बाजारों में कैश की किल्लत को दूर करने वाली UPI सर्विस अब इंडोनेशिया में भी अपना कमाल दिखाएगी. इससे दोनों देशों के बीच कारोबार और यात्राएं बहुत आसान हो जाएंगी. इसके अलावा कई अहम समझौतों को अंजाम दिया गया है.

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