नई दिल्ली: दिल्ली के उपराज्यपाल अनिज बैजल ने दिल्ली में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए 5 दिन के अनिवार्य इंस्टीट्यूशनल क्वारंटीन के फैसले को वापस ले लिया. इससे पहले दिल्ली सीएम ने विरोध करते हुए सवाल किया था कि दिल्ली में अलग नियम क्यों लागू किया जा रहा है. हालांकि अब उपराज्यपाल ने अपना फैसला वापस ले लिया है. Also Read - Lockdown in West Bengal: पश्चिम बंगाल में 9 जुलाई से फिर लागू होगा सख्त लॉकडाउन, केवल ग्रीन जोन में मिलेगी छूट

उपराज्यपाल दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) के अध्यक्ष हैं. उपराज्यपाल अनिल बैजल ने शुक्रवार को आदेश दिया था कि कोविड-19 के प्रत्येक मरीज के लिए घर में पृथक-वास की जगह पांच दिन संस्थागत पृथक-वास केंद्र में रहना जरूरी होगा. दिल्ली सरकार ने इस आदेश का विरोध करते हुए कहा था कि यह ‘‘मनमाना’’ आदेश है और इससे पहले से ही दबाव झेल रही स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पर बोझ बढ़ेगा. Also Read - दिल्ली: कोरोना संक्रमित 1 लाख पार, मृतकों की संख्या 3 हज़ार से ऊपर, केजरीवाल बोले- फ़िक्र न करें लोग

फैसले को वापस लेते हुए उपराज्यपाल ने ट्वीट करते हुए लिखा कि संस्थागत पृथक-वास के संबंध में, अब केवल उन कोरोना पॉजिटिव मरीजों को संस्थागत पृथक-वास में जाना होगा जिन्हें अस्पताल में भर्ती की आवश्यकता नहीं है और जिनके पास घर में पृथक-वास में रहने के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं. Also Read - एलएनजेपी, राजीव गांधी अस्पतालों में आईसीयू बेड की संख्या बढ़ायी गई: अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा था कि यह आदेश आईसीएमआर के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है और इससे दिल्ली में ‘‘अफरा तफरी’’ पैदा हो जाएगी. दिल्ली में शुक्रवार तक कोरोना वायरस संक्रमण के 53,116 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें से 27,512 लोगों का उपचार चल रहा है. राष्ट्रीय राजधानी में 10,490 लोग घर में पृथक-वास में रह रहे हैं और अस्पतालों में 10,961 बिस्तरों में से 5,078 बिस्तर अभी खाली हैं.