नई दिल्ली: भीम आर्मी के प्रमुख चन्द्रशेखर को शनिवार तड़के जामा मस्जिद के बाहर से हिरासत में लिया गया. वह संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ मस्जिद के अंदर प्रदर्शन कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘हमें बलिदान देना होगा ताकि कानून वापस लिया जाए. हम हिंसा का समर्थन नहीं करते. हम शुक्रवार सुबह से मस्जिद के अंदर बैठे थे और हमारे लोग हिंसा में शामिल नहीं थे.’ चंद्रशेखर शुक्रवार को पुलिस को चकमा देकर जामा मस्जिद पहुंचे थे.Also Read - Love Rape Dhokha: पहले प्यार फिर रेप... जेल से आने के बाद मंदिर में की शादी, घुमाने ले गया नैनीताल और फिर...

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गौरतलब है कि नागरिकता कानून के खिलाफ देशभर में हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. इसी बीच जामा मस्जिद के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए हजारों की तादाद में लोग इक्ट्ठा हुए. इस बीच शुक्रवार को भीम आर्मी प्रमुख भी जामा मस्जिद के बाहर पहुंचने वाले थे लेकिन दिल्ली पुलिस ने चंद्रशेखर को जामा मस्जिद से जंतर मंतर तक मार्च निकालने की अनुमति नहीं दी. पुलिस को इस बात का अंदेशा था कि भीम आर्मी के इस मार्च में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के भाग ले सकते हैं जिससे सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ सकती है. Also Read - सुरजेवाला का आरोप, 'दिल्ली पुलिस ने सात घंटे से अधिक की हिरासत के बाद कांग्रेस नेताओं को रिहा किया'

इस बीच पुलिस को चकमा देकर चंद्रशेखर जामा मस्जिद के बाहर पहुंच गए. यहां हजारों की तादाद में लोग शामिल थे. खबरों के मुताबिक शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने चंद्रशेखर को हिरासत में ले लिया ताकि कानून व्यवस्था न बिगड़ सके. लेकिन इस बीच चंद्रशेखर ने पुलिस को चकमा दे दिया और पुलिस हिरासत से भाग निकले. इसी कड़ी में पुलिस ने चंद्रशेखर को आज सुबह जामा मस्जिद के बाहर हिरासत में ले लिया.

(इनपुट-भाषा)