नई दिल्ली: भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने शनिवार को आरोप लगाते हुए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से कई सवाल पूछे. उन्होंने कहा कि चीन, कोरोना वायरस संकट की आड़ में सोनिया गांधी को उन सवालों से नहीं बचना चाहिए जो देश जानना चाहता है. भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा कि “मैं सोनिया जी को ये कहना चाहता हूं कि कोरोना के कारण या चीन की स्थिति के कारण मूल प्रश्नों से बचने का प्रयास न करें. भारत की फौज देश की और हमारी सीमाओं की रक्षा करने में सक्षम है और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश सुरक्षित है.” Also Read - राहुल गांधी की रक्षा मामलों में केवल ''कमीशन'' को लेकर ही रुचि, संसदीय समिति में नहीं: बीजेपी

उन्होंने आगे कहा कि 130 करोड़ का देश जानना चाहता है कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए क्या-क्या काम किया और किस तरह से आपने देश के विश्वास के साथ विश्वासघात किया है. बता दें कि इससे पहले बीजेपी अध्यक्ष ने आरोप लगाते हुए कहा था कि कांग्रेस-नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सत्ता में था तब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय आपदा राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से एक ‘‘परिवार द्वारा संचालित’’ राजीव गांधी फाउंडेशन को दान राशि मिली थी. Also Read - श्यामा प्रसाद मुखर्जी की संदिग्ध मौत पर जेपी नड्डा ने दिया बयान, जवाहरलाल नेहरू पर खड़े किए सवाल

उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले ट्वीट करके राजीव गांधी फाउंडेशन पर प्रश्न उठाए थे, आज पी चिदंबरम कहते हैं कि फाउंडेशन पैसे लौटा देगा. देश के पूर्व वित्त मंत्री जो खुद बेल पर हों, उसके द्वारा ये स्वीकारना होगा कि देश के अहित में फाउंडेशन ने नियम की अवहेलना करते हुए फंड लिया.” Also Read - भारत में कोविड-19 जांचों की संख्या एक करोड़ के पार, चीन से बहुत पीछे

नड्डा ने कहा कि पीएम नेशनल रिलीफ फंड जो लोगों की सेवा और उनको राहत पहुंचाने के लिए है, उससे 2005-08 तक राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा क्यों गया? हमारे देश की जनता इसका जवाब जानना चाहती है. उन्होंने कहा कि यूपीए शासन में कई केंद्रीय मंत्रालयों, सेल, गेल, एसबीआई, अन्य पर राजीव गांधी फाउंडेशन को पैसा देने के लिए दबाव बनाया गया. देश की जनता इसका कारण जानना चाहती है.

नड्डा ने कांग्रेस से सवाल पूछते हुए कहा कि पीएम नेशनल रिलीफ फंड का ऑडिटर कौन है? ठाकुर वैद्यनाथन एंड अय्यर कंपनी ऑडिटर थी. रामेश्वर ठाकुर इसके फाउंडर थे. वो राज्य सभा के सांसद थे और 4 राज्यों के राज्यपाल रहे. कई दशकों तक उसके ऑडिटर रहे. उन्होंने कहा, “देश जानना चाहता है कि ऐसे लोगों ऑडिटर बनाकर क्या सरकार करना चाह रही थी. पीएम नेशनल रिलीफ फंड में एक ट्रस्टी कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष भी है.”

नड्डा ने कांग्रेस से पूछा कि वो बताएं कि उनका और चायनीज कम्युनिस्ट पार्टी का क्या कनेक्शन है? उन्होंने कहा कि चीन के साथ भारत का व्यापार घाटा 2004 में 1.1 अरब डॉलर का था जो बढ़कर 2013-14 में 36.2 अरब डॉलर हो गया, क्या इसके एवज में कांग्रेस को लाभ मिला. नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में सशस्त्र बल भारत की रक्षा करने, देश को सुरक्षित रखने में पूरी तरह सक्षम हैं.

नड्डा ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेहुल चोकसी से आपने राजीव गांधी फाउंडेशन में पैसा क्यों लिया और आपने मेहुल चोकसी को लोन क्यों दिया? उन्होंने कहा, “देश जानना चाहता है कि मेहुल चोकसी से राजीव गांधी फाउंडेशन का क्या संबंध है? और आपने उसको लोन देने में किस-किस प्रकार से मदद की है यह देश जानना चाहता है.”