CDS Bipin Rawat Statement: दिल्ली में रायसीना डायलॉग 2020 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत ने कहा कि हम आतंकवाद को खत्म करना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि जब तक आतंकवाद प्रायोजित करने वाले देश हैं, तब तक हमें इस खतरे का सामना करते रहना होगा. हमें इससे निर्णायक ढंग से निपटना होगा. अगर हमें ऐसा लगता है कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई खत्म होने वाली है, तो हम गलत हैं. यह केवल उसी तरह खत्म हो सकता है जिस तरह से अमेरिकी 9/11 के बाद शुरू हुए थे.

सीडीएस बिपिन रावत ने आतंकवाद के खिलाफ जंग छेड़ने की बात कही. उन्होंने कहा कि आतंक के खिलाफ युद्ध खत्म नहीं हो रहा है, यह कुछ ऐसा है जो आगे भी जारी रहेगा, हमें इसके साथ तब तक रहना होगा जब तक हम आतंकवाद की जड़ों तक न पहुंच जाएं.

रावत ने कहा कि आतंकवाद का खात्मा इतनी जल्दी नहीं होने वाला. आतंकवाद का सामना लोगों को तब तक करना पड़ेगा जब तक आतंकवाद को पोषित करने वाले देश मौजूद रहेंगे. आतंकवाद को प्रयोजित करने वाले देश परदे के पीछे से आतंकवादियों को इस्तेमाल करते हैं. उन्हें हथियार उपलब्ध करवा रहे हैं, उनके लिए धन उपलब्ध करा रहे हैं. इस तरह तो हम आतंकवाद को नियंत्रित नहीं कर सकते.

उन्होंने कहा कि आपको हर किसी के साथ (अफगानिस्तान में) शांति समझौते पर आना होगा, अगर आपको उनके साथ शांति समझौते पर आना है, तो आपको बातचीत के लिए शांति से जाना होगा. तालिबान या जिस भी संगठन पर विचार कर रहे हैं, आतंक को आतंक के उस हथियार को छोड़ना होगा, उन्हें राजनीतिक मुख्यधारा में आना होगा. कोई भी देश जो आतंकवाद को प्रायोजित कर रहा है उसे जवाबदेह बनाना होगा. मुझे लगता है कि अपनाए गए उपायों में से एक है फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) द्वारा ब्लैकलिस्ट करना है.