नई दिल्ली: तीन नए कृषि विधेयकों को लेकर देशभर के किसानों में गुस्सा है. संसद से लेकर सड़क तक हंगामा है. इस बीच सरकार ने कई फसलों के समर्थन मूल्य को बढ़ाने का फैसला किया है. 6 रबी की फसलों का समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाया गया है. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 रुपए बढ़ा दिया गया है. नई एमएसपी की सरकार ने घोषणा की है. गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपए कर दिया गया है. अब तक ये 1925 रुपए था. Also Read - नवजोत सिद्धू ने फिर अमरिंदर सरकार पर साधा निशाना, कहा- इस राज्य की भाजपा सरकार से सीखें

समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने को लेकर ये फैसला एक माह बाद आने वाला था, लेकिन पहले ही इस पर मुहर लगाई गई है. माना जा रहा है कि कृषि विधेयकों (Farmers Bill 2020) को लेकर किसानों में चल रहे बवाल के चलते सरकार ने ये फैसला किया है. ताकि किसानों का गुस्सा कुछ शांत हो. Also Read - किसानों के विरोध के बीच कानून में बदले तीनों कृषि बिल, राष्ट्रपति कोविंद ने लगाई मुहर

बता दें कि नए विधेयकों से किसानों को आशंका है कि निजीकरण बढ़ेगा और इससे किसानों को बड़ा नुकसान होगा. बड़े व्यापारी मनमानी करेंगे और मंडी सिस्टम ही ख़त्म हो जाएगा. अगर ऐसा हुआ तो समर्थन मूल्य का सिस्टम भी ख़त्म हो जाएगा. इसके साथ ही एक अन्य विधेयक के तहत अनाज जमा करने को कानूनन वैध कर दिया गया है. आशंका है कि इससे बड़े पैमाने पर जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही कई और नियम हैं जिसका किसान विरोध कर रहे हैं. किसान इसे काला क़ानून बता रहे हैं. Also Read - कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों का 'भारत बंद' आज, पंजाब-हरियाणा सहित इन राज्यों पर पड़ेगा असर