नई दिल्ली: तीन नए कृषि विधेयकों को लेकर देशभर के किसानों में गुस्सा है. संसद से लेकर सड़क तक हंगामा है. इस बीच सरकार ने कई फसलों के समर्थन मूल्य को बढ़ाने का फैसला किया है. 6 रबी की फसलों का समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाया गया है. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 50 रुपए बढ़ा दिया गया है. नई एमएसपी की सरकार ने घोषणा की है. गेहूं का समर्थन मूल्य 1975 रुपए कर दिया गया है. अब तक ये 1925 रुपए था.Also Read - कैबिनेट ने 2022 सीजन के लिए नारियल गरी पर दी एमएसपी में बढ़ोतरी को मंजूरी

समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने को लेकर ये फैसला एक माह बाद आने वाला था, लेकिन पहले ही इस पर मुहर लगाई गई है. माना जा रहा है कि कृषि विधेयकों (Farmers Bill 2020) को लेकर किसानों में चल रहे बवाल के चलते सरकार ने ये फैसला किया है. ताकि किसानों का गुस्सा कुछ शांत हो. Also Read - Traffic opens at Ghazipur Border: एक साल बाद खुल गया दिल्ली का गाजीपुर बॉर्डर, फर्राटा भर रही गाड़ियां | देखें Video

बता दें कि नए विधेयकों से किसानों को आशंका है कि निजीकरण बढ़ेगा और इससे किसानों को बड़ा नुकसान होगा. बड़े व्यापारी मनमानी करेंगे और मंडी सिस्टम ही ख़त्म हो जाएगा. अगर ऐसा हुआ तो समर्थन मूल्य का सिस्टम भी ख़त्म हो जाएगा. इसके साथ ही एक अन्य विधेयक के तहत अनाज जमा करने को कानूनन वैध कर दिया गया है. आशंका है कि इससे बड़े पैमाने पर जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा. इसके साथ ही कई और नियम हैं जिसका किसान विरोध कर रहे हैं. किसान इसे काला क़ानून बता रहे हैं. Also Read - Rakesh Tikait बोले चुनाव नहीं लड़ रहा हूं, कोई भी पार्टी मेरे नाम और फोटो का इस्तेमाल न करे