Corona Virus in India: केंद्र सरकार ने आज से लॉकडाउन (Lockdown) से कुछ राहत देते हुए दुकानें खोलने की इजाजत दी है. वहीं, कोरोना संकट अभी दूर नहीं हुआ है. शुक्रवार को जितने मामले बढ़े, उतने एक दिन में अब तक सामने नहीं आए थे. शुक्रवार को 1,750 से अधिक मामले सामने आए. शुक्रवार को सबसे ज़्यादा 57 लोगों की मौत हुई है. महाराष्ट्र, गुजरात एवं राजस्थान सहित विभिन्न प्रदेशों में संक्रमण के मामले ज्यादा हो गये हैं. इसके साथ ही देश में संक्रमितों की संख्या 24506 हो गई है. अब तक 775 लोगों की मौत हुई है. वहीं, 5063 लोग ठीक भी हुए हैं. वहीं, सरकार ने कहा कि महामारी का प्रकोप नियंत्रण में है और यदि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लागू न किया जाता तो संक्रमण के मामलों की संख्या अब तक एक लाख तक पहुंच चुकी होती. सरकारी अधिकारियों ने महामारी के ‘नियंत्रण में होने’ का श्रेय लॉकडाउन और मजबूत निगरानी नेटवर्क तथा विभिन्न नियंत्रण कदमों को दिया. Also Read - यूपी: कोरोना मरीजों के लिए एक लाख बेड तैयार, इतनी बड़ी तैयारी करने वाला देश का पहला राज्य

कुछ वैज्ञानिकों ने आगाह किया है कि लॉकडाउन खत्म होने के कुछ सप्ताह बाद कोविड-19 मामलों की रफ्तार कम होती दिख सकती है या कुछ हफ्तों के भीतर इनमें गिरावट भी देखने को मिल सकती है लेकिन जुलाई के अंत या अगस्त में मानसून के दौरान भारत में इसका दूसरा दौर सामने आ सकता है. शिवनादर विश्वविद्यालय के गणित विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर समित भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘स्पष्ट तौर पर दिखता है कि नियमित नए मामलों के बढ़ने की दर स्थिर हो गई है और यह धीरे-धीरे नीचे की तरफ जाएगी, संभवत: कुछ हफ्तों या महीनों में.” समित भट्टाचार्य ने कहा, “बावजूद इसके, हमें इसी कोरोना वायरस के नए मामलों में वृद्धि देखने को मिल सकती है और इसे दूसरा दौर माना जाएगा.” बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) के प्रोफेसर राजेश सुंदरेसन ने कहा “जब हम सामान्य गतिविधि के दौर में लौटेंगे, उस वक्त ऐसी आंशका रहेगी कि संक्रमण के मामले एक बार फिर बढ़ने लगें. चीन में यात्रा प्रतिबंध में कुछ राहत देने के बाद कुछ हद तक यह देखा भी गया है.” Also Read - लॉकडाउन बढ़ने की बात सुन महिला ने खाया ज़हर, ससुराल से मायके न जा पाने से थी परेशान

महाराष्ट्र में 6800 मामले आए हैं और 300 से अधिक रोगियों की मौत हो गई है. गुजरात में ऐसे 2800 से अधिक मामले और दिल्ली में 2500 से अधिक मामले सामने हैं. राजस्थान भी ऐसे मामलों में 2000 का आंकड़ा पार कर गया है. इसके बाद मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश का नंबर है. Also Read - दिल्ली सरकार ने केंद्र से मांगे 5000 करोड़ रुपए, कहा- हमें खर्च के लिए ज़रूरत है

नए मामलों में तमिलनाडु के कोयंबटूर में चार महिलाओं सहित सात पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने के मामले भी शामिल हैं. राज्य ने शुक्रवार को घोषणा की कि चेन्नई, कोयंबटूर, मदुरै और कुछ अन्य स्थानों पर रविवार से पूर्ण बंद रहेगा. इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि अहमदाबाद, सूरत, हैदराबाद और चेन्नई में कुछ स्थानों पर स्थिति अत्यंत गंभीर है या संबंधित क्षेत्र ‘हॉटस्पॉट’ के रूप में उभर रहे हैं. इसने यह भी कहा कि देश के कुछ हिस्सों में लॉकडाउन के उल्लंघन की खबरें हैं जो जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है और इसका नतीजा महामारी के प्रसार के रूप में निकल सकता है. केंद्र ने देशभर में ‘हॉटस्पॉट जिलों’ में स्थिति के आकलन के लिए 10 केंद्रीय टीम भेजी हैं जिनमें पांच नए इलाके-गुजरात के अहमदाबाद और सूरत, तेलंगाना का हैदराबाद, महाराष्ट्र का ठाणे और तमिलनाडु का चेन्नई भी शामिल है. इससे पहले महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे, मध्य प्रदेश के इंदौर और राजस्थान के जयपुर भी इसी तरह की टीम भेजी गई थीं. इसके अलावा पश्चिम बंगाल भी दो केंद्रीय टीम भेजी गईं. पीएम मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ग्राम प्रधानों और पंचायत सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वायरस की महामारी ने देश को ‘‘आत्म-निर्भर होने और आत्म-सक्षम’’ होने तथा समाधान के लिए विदेशों की ओर न देखने का संदेश और सबक दिया है. उन्होंने भौतिक दूरी को सरल शब्दों में परिभाषित करने के ‘दो गज की दूरी’ के मंत्र की सराहना भी की.

दूसरी ओर, कई चिकित्सा विशेषज्ञों ने कहा कि मौजूदा प्रतिबंध भारत में अमेरिका या यूरोप जैसी स्थिति को रोकने में काफी कारगर रहे हैं, लेकिन आगाह किया कि वर्तमान लॉकडाउन की तरफ धीरे-धीरे आगे बढ़ते हुए एक ‘‘बड़ी चुनौती’’ इंतजार कर रही है. उधर, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को सशस्त्र बलों के शीर्ष कमांडरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि देश का ध्यान कोरोना वायरस महामारी से निपटने पर केंद्रित रहने के दौरान शत्रुओं को अपने नापाक इरादों पर आगे बढ़ने का कोई मौका न मिल पाए. अधिकारियों ने बताया कि एक उच्चस्तरीय बैठक में सिंह ने सशस्त्र बलों की तैयारियों की समीक्षा की और सशस्त्र बलों से फिजूल खर्च से बचने तथा देश की अर्थव्यवस्था पर महामारी के प्रतिकूल प्रभाव के मद्देनजर वित्तीय संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने को कहा.

वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि बीते 28 दिन में 15 जिलों में कोई नया मामला नहीं आया है जबकि 80 जिले ऐसे हैं जिनमें बीते 14 दिन में संक्रमण का कोई मामला नहीं आया है. दिल्ली में अब तक 800 से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं जिनमें से कम से कम 723 गुरुवार तक पिछले छह दिन में ठीक हुए हैं. मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि यहां चार मरीजों पर किए गए प्लाज्मा पद्धति परीक्षण के शुरुआती परिणाम ‘‘अत्यंत उत्साहजनक’’ रहे हैं जिससे कोरोना वायरस से गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए उम्मीद की एक किरण दिखी है.