Farmers Protest: केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला सुनाया है. देश के शीर्ष अदालत ने कहा है कि किसानों को तब तक प्रदर्शन का अधिकार है जब तक कि किसी जानमाल और संपत्ति के नुकसान का खतरा न हो. आज इस मामले में चली सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने यह बात कही. Also Read - दिल्ली में ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा ने किसानों के आंदोलन को दागदार कर दिया: संजय राउत

इसके साथ ही प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि इस मामले में एक कमेटी अपनी राय देगी जिसका पालन करना होगा. इस बीच किसानों का प्रदर्शन जारी रह सकता है. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा कि जब तक किसी जानमाल या संपत्ति के नुकसान का खतरा नहीं है तब तक विरोध प्रदर्शन संवैधानिक है. केंद्र सरकार और किसानों को बातचीत करना होगा. हम एक निष्पक्ष और स्वतंत्र समिति के बारे में सोच सकते हैं, जिसके सामने दोनों पक्ष अपनी बात रख सकते हैं. Also Read - High Alert in Haryana: तीन जिलों में 24 घंटे के लिए मोबाइल Internet और SMS services सस्‍पेंड

इस मामले में पंजाब सरकार की ओर से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और जानेमाने वकील पी. चिदंबरम कोर्ट में उपस्थित हुए. उन्होंने कहा कि उन्हें शीर्ष अदालत के समिति बनाने के सुझाव से कोई दिक्कत नहीं है. इस समिति में किसानों और केंद्र सरकार को अपना प्रतिनिधि चुनना है. Also Read - High Alert in Punjab: CM अमरिंदर ने कहा, किसान तुरंत दिल्‍ली खाली करें, सरकार से बात रखें जारी

केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने पक्ष रखा. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल कोई भी किसान मास्क नहीं पहन रहे हैं. कोरोना के इस दौर में वे गांवों में जाएंगे और महामारी को और फैलाएंगे. उन्होंने कहा कि किसानों को अन्य लोगों के मौलिक अधिकारों का हनन नहीं करना चाहिए.