नई दिल्ली: भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फ़ोन पर बात की. इसके बाद भारतीय विदेश मंत्रालय का बयान आया है. भारत ने गलवान घाटी में हुई झड़प को सोची समझी साजिश करार दिया है. विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है की गलवान में जो हुआ वह सोची समझी साजिश थी. ये ज़मीनी हालात बदलने की साजिश है. Also Read - कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किए 4 सवाल, कहा- क्या भारत के दावे को गलवान घाटी में कमजोर किया जा रहा है?

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि जो कुछ भी हुआ उससे दोनों देशों के बीच रिश्तों पर असर पड़ेगा. जो भी हुआ चीन को इसका मूल्यांकन करना चाहिए. और फिर सही कदम उठाना चाहिए. भारत ने ये भी कहा कि चीन अपनी भूल सुधारे. Also Read - India-China Border Issue: NSA अजित डोभाल ने संभाला मोर्चा तो पीछे हटी चीनी सेना! कल चीन के विदेश मंत्री से की थी बात

लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों से झड़प में शहीद हुए 20 भारतीय सैनिकों के शहीद होने के बाद दोनों देश एक दूसरे से बात की है. भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से फ़ोन पर बात की. दोनों विदेश मंत्रियों ने तब बात की, जब दोनों देशों के बीच तनाव व्याप्त है. इस बातचीत के बाद ही भारतीय विदेश मंत्रालय का ये बयान सामने आया है. Also Read - 30,000 भारतीय सैनिक एलएसी पर चीनी सैनिकों के सामने डटे, SU-30, Mig-29 फाइटर्स भी तैयार

इससे पहले चीन के विदेश मंत्री ने बयान दिया था की हम भारत से सीमा विवाद हल करना चाहते हैं. भारत उन सैनिकों पर कार्रवाई करे, जो इस हिंसा के लिए जिम्मेदार हैं. न्यूज़ एजेंसी एएनआई ने रायटर्स के हवाले से खबर दी है. इस खबर के अनुसार, चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने ये बयान दिया है. इस बयान के अनुसार चीन अब और विवाद नहीं चाहता है.

बता दें की लद्दाख कि गलवान घाटी में हुई इस झड़प और हिंसा में 20 भारतीय सैनिकों की जान गई है. भारत के 20 सैनिक शहीद हुए हैं. इस पर भारत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. पीएम मोदी ने कहा की हम शांति चाहते हैं, लेकिन अगर कोई उकसायेगा तो हम जवाब देने में सक्षम हैं. पीएम ने वीडियो में कहा कि भारत शांति चाहता है. पीएम ने कहा था की भारत उकसाने पर हर हाल में यथोचित जवाब देने में सक्षम है. हमारे शहीद जवान के विषय में देश को इस बात का गर्व होगा कि वे मारते-मारते मरे हैं. बता दें कि इस संदेश के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साफ शब्दों में बता चुके हैं कि भारत अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है.