नई दिल्ली: पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई (Ranjan Gogoi) अब राज्यसभा सांसद हो गए हैं. रंजन गोगोई ने राज्यसभा में शपथ ले ली है. शपथ ग्रहण के दौरान विपक्षी दलों के सांसदों ने जमकर हंगामा किया. सांसदों ने नारेबाजी की. सांसदों ने शपथ के दौरान वॉकआउट कर दिया. उच्च सदन की कार्यवाही शुरू होने पर गोगोई जैसे ही शपथ लेने निर्धारित स्थान पर पहुंचे, वैसे ही विपक्षी सदस्यों ने शोर शराबा शुरू कर दिया. इस पर राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि ऐसा व्यवहार सदस्यों की मर्यादा के अनुरूप नहीं है. इसके बाद गोगोई ने सदन के सदस्य के रूप में शपथ ली. गौरतलब है कि पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई को हाल ही में राष्ट्रपति ने राज्यसभा के सदस्य के रूप में मनोनित किया था. Also Read - पहले मुझे शपथ लेने दीजिए, विस्तार से चर्चा करूंगा कि मैंने यह पद क्यों स्वीकार किया: रंजन गोगोई

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट में गोगोई के कई फैसले बेहद विवादित रहे हैं. उन्होंने कई अहम सुनवाई टाली थी. रंजन गोगोई करीब 6 महीने महीने पहले ही रिटायर हुए थे. रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित करने को लेकर पहले से ही सवाल उठाए जा रहे थे. Also Read - राष्ट्रपति ने पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई को राज्यसभा के लिए नामित किया, राम मंदिर पर दिया था ऐतिहासिक फैसला

इसे लेकर सामजिक कार्यकर्ता मधु किश्वर (Madhu Kishwar) ने याचिका भी दायर की है. कई जस्टिस ने भी रंजन गोगोई के राज्यसभा जाने पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे न्यायपालिका पर भरोसा कम होगा. कांग्रेस ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी. कांग्रेस के कई नेताओं ने कहा था कि उम्मीद है कि गोगोई इसे ठुकरा देंगे. अगर उन्होंने ऐसा नहीं किया तो न्यायपालिका पर बड़ा सवाल खड़ा हो जाएगा. लोग समझेंगे कि पिछले कई फैसले जिसमें सरकार को कहीं न कहीं राहत पहुंची, उनको भी संदेह की नजर देखा जाएगा.

वहीं, रंजन गोगोई ने इसे लेकर कहा था कि वह शपथ लेने के बाद बताएंगे कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया. उन्होंने ये भी कहा था कि कह संसदीय प्रणाली को भी समझना चाहते हैं.