नई दिल्ली: पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है. वह लम्बे समय से बीमार थे और कोमा में थे. प्रणब मुखर्जी के शरीर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. उनके निधन की पुष्टि उनके बेटे अभिजीत मुखर्जी ने की है. वह दिल्ली के सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती थे. इलाज के बीच वह कोविड-19 (Covid-19) से भी संक्रमित हुए थे. काफी दिनों से वह वेंटिलेटर पर थे. वह गहरे कोमा में थे. प्रणब मुखर्जी के निधन पर देश में 7 दिनों के राजकीय शोक की घोषणा की गई है. 31 अगस्त से 6 सितंबर तक देश में राजकीय शोक रहेगा. शोक की घोषणा केंद्र सरकार ने की है. संसद का आधा झंडा भी झुका दिया गया है. Also Read - अलविदा प्रणब दा...पंचतत्व में विलीन हुए पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

बेटे अभिजीत मुखर्जी ने लिखा कि बहुत दुःख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि मेरे पिता का निधन हो गया है. आरआर हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की. लोगों ने दुआएं की. लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका.

प्रणब मुखर्जी 84 साल के थे. 11 दिसंबर 1935 को उनका जन्म हुआ था. प्रणब मुखर्जी को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है. इसके साथ ही उन्हें पदम् विभूषण भी मिला था. प्रणब मुखर्जी 2012 से 2017 तक देश के राष्ट्रपति रहे.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, पीएम नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, राहुल गाँधी ने शोक संवेदना व्यक्त की है.