श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती की जन सुरक्षा कानून (PSA) के तहत हिरासत तीन महीने के लिए बढ़ा दी गई है. एक अधिकारी ने ये जानकारी दी. अधिकारी के मुताबिक पीएसए के तहत वरिष्ठ नेशनल कांन्फ्रेंस नेता अली मोहम्मद सागर और पीडीपी नेता सरताज मदनी की हिरासत भी तीन महीने के लिए बढ़ाई गई है. Also Read - जम्मू कश्मीर: पाकिस्तान से आया संदिग्ध कबूतर पकड़ा गया, कूट भाषा में लिखे संदेश को समझने की कोशिश कर रहे अधिकारी

पीएसए के तहत हिरासत की अवधि समाप्त होने के कुछ घंटे पहले जम्मू कश्मीर प्रशासन के गृह विभाग ने मुफ्ती की हिरासत बढ़ाए जाने से संबंधित एक संक्षिप्त आदेश जारी किया. पिछले साल केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त किए जाने के बाद पांच अगस्त को मुफ्ती को हिरासत में लिया गया था. Also Read - उद्धव सरकार के दूसरे मंत्री को हुआ कोरोना, महाराष्ट्र के पूर्व CM अशोक चव्हाण पाए गए पॉजिटिव

मुफ्ती पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष हैं. शुरुआत में उन्हें एहतियातन हिरासत में रखा गया था. बाद में इस साल पांच फरवरी को उन पर जन सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई की गई थी. महबूबा की बेटी इल्तिजा ने अपनी मां को हिरासत में लिए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में फरवरी में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी. न्यायालय ने सुनवाई के लिए 18 मार्च की तारीख तय की थी लेकिन कोरोना वायरस फैलने के चलते सुनवाई नहीं हो पाई. Also Read - महाराष्ट्र में 50 हजार के पार पहुंची कोरोना मरीजों की संख्या, 24 घंटे में संक्रमण के 3,041 नए मामले सामने आए

बता दें कि जम्मू एवं कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को अधिकारियों ने 7 अप्रैल को यहां उच्च सुरक्षा वाले गुप्कर रोड स्थित उनके सरकारी आवास में स्थानांतरित किया था. गौरतलब है कि संसद द्वारा पिछले साल 5 अगस्त को अनुच्छेद 370 को रद्द कर जम्मू एवं कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेकर उसे केंद्र शासित प्रदेश घोषित किए जाने के बाद से महबूबा व अन्य पूर्व मुख्यमंत्रियों व घाटी के प्रमुख नेताओं को हिरासत में रखा गया था.

पूर्व मुख्यमंत्री को पहले आम तौर पर नजरबंद किया गया था और बाद में कड़े सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. शुरुआत में महबूबा श्रीनगर के हरि निवास गेस्टहाउस में रहीं. बाद में उन्हें चश्मा शाही इलाके में एक पर्यटन विभाग के हट में स्थानांतरित कर दिया गया था. वहां से पुन: उन्हें श्रीनगर के ट्रांसपोर्ट यार्ड लेन में एक सरकारी क्वार्टर में स्थानांतरित कर दिया गया.