नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सोमवार को एक से 31 जुलाई के बीच देश में शुरू हो रहे ‘अनलॉक-2’ के लिए दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं. सरकार द्वारा जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक पूरे देश में 31 जुलाई तक कंटेनमेंट जोन्स में लॉकडाउन जारी रहेगा. कंटनमेंट जोन्स में केवल आवश्यक गतिविधियों की ही अनुमति दी जाएगी.Also Read - CoronaVirus New Variant NeoCoV: क्या डेल्टा-ओमिक्रॉन से ज्यादा खतरनाक है नया वेरिएंट नियोकोव? जानिए सच्चाई

इसके अलावा रात के 10 बजे से लेकर सुबह के 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा, इस दौरान लोगों की आवाजाही पर रोक रहेगी. केवल जरूरी गतिविधियों और कुछ अन्य को इससे छूट दी गई है. नई गाइडलाइन के मुताबिक स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक और कोचिंग संस्थान, अंतर्राष्ट्रीय उड़ानें, मेट्रो रेल, सिनेमा, जिम, पूल, धार्मिक समारोहों में 31 जुलाई तक प्रतिबंधित रहेगा. गृह मंत्रालय ने नए प्रतिबंधों पर कहा कि सभी स्कूल और कॉलेज 31 जुलाई तक बंद रहेंगे. ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा की अनुमति होगी और उन्हें बढ़ावा दिया जाएगा. Also Read - Coronavirus in India: पिछले 24 घंटों में COVID-19 के 2.35 लाख नए मामले, 3.35 लाख लोग हुए रिकवर

कंटेनमेंट जोन के बाहर केंद्र और राज्य के प्रशिक्षण संस्थानों को 15 जुलाई से कार्य करने की अनुमति दी जाएगी, जिसके लिए मानक परिचालन प्रक्रिया (एसओपी) कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी की जाएगी. इसके अलावा घरेलू उड़ानों और यात्री ट्रेन सेवाओं को अनलॉक 2 में चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जाएगा. गृह मंत्रालय ने कहा कि ‘अनलॉक 2’ चरण में राजनीतिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, धार्मिक, खेलकूद संबंधी आयोजन और अन्य बड़े जमावड़े वाले कार्यक्रमों पर रोक जारी रहेगी. Also Read - Coronavirus in India:पिछले 24 घंटों में 2.85 लाख नए मामले, कल के मुकाबले 30 हजार ज्यादा नए केस

दिशा-निर्देशों में कहा गया कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ानों (वंदे भारत मिशन के तहत), जो अभी सीमित रूप में जारी हैं, का चरणबद्ध तरीके से विस्तार किया जाएगा. गृह मंत्रालय ने कहा कि नए दिशा-निर्देश राज्यों और द्रशासित प्रदेशों से मिले फीडबैक तथा संबंधित केंद्रीय मंत्रियों और विभागों के साथ गहन विचार-विमर्श पर आधारित हैं.

इसने कहा, ‘‘निषिद्ध क्षेत्रों में 31 जुलाई तक लॉकडाउन का कड़ा क्रियानवयन जारी रहेगा. कोविड-19 के प्रसार को रोकने के मद्देनजर राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों पर विचार करने के बाद इन क्षेत्रों का चिह्नीकरण सावधानी से करने की आवश्यकता है.’’