नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को ओडिशा के तटीय जिलों में चक्रवात अम्फान से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए हवाई सर्वे किया. उनके साथ राज्यपाल प्रोफेसर गणेशी लाल और मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी थे, जबकि केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान और प्रताप सारंगी ने एक अलग हेलिकॉप्टर में उड़ान भरी. चक्रवात की स्थिति और प्रभावित जिलों में राहत के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री ने भुवनेश्वर हवाईअड्डे पर समीक्षा बैठक की जिसमें उन्होंने ओडिशा को 500 करोड़ रुपये एडवांस व्यवस्था के तौर पर देने का ऐलान किया. Also Read - पीएम नरेंद्र मोदी ने Corona पर 46 जिलाधिकारियों से की बात, कोरोना के खिलाफ सुझाए 3 उपाय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “तत्काल आवश्यकता को ​देखते हुए हमने 500 करोड़ रुपये एडवांस व्यवस्था के तौर पर ओडिशा को देने का फैसला किया है.” उन्होंने कहा, “पूर्ण सर्वेक्षण और पुनर्वास योजना के गठन के बाद, भारत सरकार ओडिशा सरकार की मदद करेगी और इस संकट से बाहर निकलने के लिए बाकी इंतजाम करेगी.” Also Read - PM Kisan Yojana: 14 मई को आएगी पीएम किसान की 8वीं किस्त, लिस्ट में ऐसे देखें अपना नाम

बता दें कि ओडिशा तट को पार करने और पश्चिम बंगाल तट पर बुधवार को दस्तक देने के बाद चक्रवात ने राज्य के तटीय क्षेत्रों में तबाही का मंजर छोड़ा है. चक्रवात के कारण 89 ब्लॉकों में 44 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं.

इससे पहले, मोदी ने ट्वीट किया था, “मेरे विचार ओडिशा के लोगों के साथ हैं क्योंकि राज्य चक्रवात अम्फान के प्रभाव खिलाफ बहादुरी से लड़ रहा है. अधिकारी प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता सुनिश्चित करने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं. मैं जल्द से जल्द हालात सामान्य होने की प्रार्थना करता हूं.”

ओडिशा आने से पहले, प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल में चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वे किया और स्थिति की समीक्षा के बाद तत्काल सहायता के लिए 1,000 करोड़ रुपये की घोषणा की.