नई दिल्ली: कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के कारण 148 और लोगों की मौत हो जाने के बाद देश में इस घातक वायरस से मरने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 3,583 हो गई है जबकि संक्रमण के एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 6,088 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमित लोगों की कुल संख्या बढ़कर 1,18,447 हो गई है. ये आंकड़े शुक्रवार सुबह तक के हैं. कोरोना वायरस को लेकर आईसीएमआर के डॉ. रमन आर गंगाखेडकर ने कहा कि आज (शुक्रवार) दोपहर 1 बजे तक कोविड 19 के 27,55,714 टेस्ट किए जा चुके हैं. इनमें से 18287 परीक्षण निजी लैब्स में किए गए हैं. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

उन्होंने कहा कि पिछले लगातार चार दिनों से हर रोज 1 लाख से अधिक टेस्ट किए गए हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 3,234 मरीज ठीक हुए. इसके अलावा मंत्रालय ने बताया कि कोविड-19 मृत्यु दर 19 मई को 3.13 प्रतिशत से घटकर 3.02 प्रतिशत हो गई. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

वहीं आयुष्मान भारत योजना के बारे में जानकारी देते हुए एम्पावर्ड ग्रुप 1 के अध्यक्ष डॉ.वी.के. पॉल ने कहा कि इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में 19 तारीख़ को 1 करोड़ इलाज पूरे हो गए हैं. उन्होंने कहा, “भारत सरकार की ओर से, हम आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत 1 करोड़ इलाज मुहैया कराने में देश की सराहना करते हैं. यह बहुत बड़ी उपलब्धि है. यह बहुत बड़ी उपलब्धि है.” उन्होंने कहा कि जब देश में हमने लॉकडाउन शुरू किया तो कोरोना वायरस के मामलों का डबलिंग रेट 3.4 दिन था, आज ये 13.3 दिन है. सबने मिलकर देश में कोरोना वायरस के मामलों के बढ़ने को कम किया है. डॉ.वी.के. पॉल ने बताया कि कई मॉडल से ये बात सामने आ रही है कि कोरोना वायरस से 37,000-78,000 मौतें हो सकती थीं. 14-29 लाख मामले हो सकते थे, लाखों मामले नहीं फैले क्योंकि हमने फैसला किया कि हम घर की लक्ष्मण रेखा को पार नहीं करेंगे. Also Read - कोरोना के बढ़ते मामले या सीमा पर तनाव है वजह! भारत से अपने नागरिकों को निकालेगा चीन