नई दिल्ली: दिल्ली में कोविड-19 को फैलने से रोकने की रणनीति पर चर्चा करने के लिए उपराज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ रविवार को एक ऑनलाइन बैठक की. गृहमंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली में COVID कंटेनमेंट रणनीति पर डॉ. पॉल समिती ने रिपोर्ट प्रस्तुत की. रिपोर्ट के अनुसार कंटेनमेंट ज़ोन्स का नए सिरे से परिसीमन हो, इनकी सीमा पर और इनके अंदर की गतिविधियों पर सख्ती से निगरानी और नियंत्रण रखा जाए. Also Read - राहत: दिल्ली में कोरोना की स्थिति में सुधार हुआ, मरीजों के ठीक होने की दर 76 प्रतिशत पहुंची

गृह मंत्रालय ने कहा कि सभी संक्रमित व्यक्तियों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और क्वारंटाइनिंग करने के लिए आरोग्य सेतु और इतिहास एप का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. कंटेनमेंट ज़ोन्स के बाहर प्रत्येक घर की सूची लगाई जाए. कोविड मरीजों को अस्पताल, कोविड सेंटर या होम आइसोलेशन में रखा जाए. Also Read - Operation Samudra Setu: भारतीय नौसेना ने पूरा किया 'ऑपरेशन समुद्र सेतु', 3 देशों से 4000 भारतीयों की हुई वापसी

मंत्रालय ने कहा, “पूरी दिल्ली में एक सेरोलॉजिकल सर्वे 27.06.2020 और 10.07.2020 के बीच कराया जाएगा जिसमें 20,000 लोगों की सैंपल टेस्टिंग होगी. इसके द्वारा दिल्ली में संक्रमण के फैलाव का आंकलन हो सकेगा और एक व्यापक रणनीति निर्धारित की जा सकेगी.” Also Read - UP: कानपुर एनकाउंटर में बड़ी कार्रवाई, चौबेपुर थाने के सभी 68 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

यह बैठक दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की सोमवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक से पहले हुई है. बैठक के बाद गृह मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा कि दिल्ली के प्रत्येक जिले को एक बड़े अस्पताल से जोड़ा जाएगा. दिल्ली सरकार 22.06.2020 तक एक योजना निर्धारित करे, 23.06.20 तक जिला स्तरीय टीमों का गठन करे, 26.06.2020 तक सभी कंटेनमेंट ज़ोन्स का संशोधित परिसीमन करे. 30.06.2020 तक कंटेनमेंट जोन्स का सर्वे करे. इसके अलावा दिल्ली सरकार हर मृतक का आकलन कर बताए कि उसे कितने दिन पहले कहां से अस्पताल लाया गया था. यदि वह होम आइसोलेशन में था, तो उसे सही समय पर लाया गया था या नहीं.

गृह मंत्रालय ने कहा, “सभी COVID पॉजिटिव मामलों को पहले COVID सेंटर जाना होगा और जिन लोगों के घरों में उपयुक्त व्यवस्था है और जो किसी अन्य को-मोरबिडिटी से ग्रस्त नहीं है उन्हें होम आइसोलेशन में रखा जाए. कितने लोगों को होम आइसोलेशन में रखा गया है, इसकी जानकारी भारत सरकार को दी जाए.”

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को कोरोना वायरस के तीन हजार नये मामले सामने आये है जिससे शहर में कोविड-19 के मामलों की संख्या 60,000 के पास पहुंच गई है जबकि इस महामारी से मृतकों की संख्या बढ़कर 2,175 हो गई है।