नई दिल्ली: भारत ने चीन के उस दावे को खारिज कर दिया है जिसमें उसने कहा था कि गलवान घाटी उसकी है. भारतीय विदेश मंत्रालय ने शनिवार को गलवान घाटी इलाके पर चीन के संप्रभुता के दावे को खारिज करते हुए कहा कि इस इलाके के संबंध में स्थिति ऐतिहासिक रूप से स्पष्ट है. चीन ने एक बार फिर केंद्र शासित लद्दाख के गलवान घटी पर अपना दावा किया है. गौरतलब है कि सोमवार रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुई झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. Also Read - Covid-19: रूस को पीछे छोड़ दुनिया में कोरोना से तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना भारत

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजियान ने कहा है कि गलवान घाटी भारत- चीन सीमा के पश्चिमी हिस्से में एलएसी पर चीन की ओर है. चीन के इस दावे का जवाब देते हुए भारतीय विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि गलवान वैली भारत की है. Also Read - LAC पर गरज रहे सुखोई और जगुआर, वायुसेना के अधिकारी ने कहा- आसमान जितना हाई है जवानों का जोश

विदेश मंत्रालय ने कहा, “गालवान घाटी क्षेत्र के संबंध में स्थिति ऐतिहासिक रूप से स्पष्ट है. LAC के संबंध में अतिशयोक्तिपूर्ण और अप्राप्य दावों को स्वीकार करने के चीनी पक्ष के प्रयास अब स्वीकार्य नहीं हैं. वे चीन की अपनी पिछली स्थिति के अनुसार नहीं हैं.” विदेश मंत्रालय ने कहा कि गलवान घाटी में एलएसी को लेकर चीनी पक्ष की ओर से बढ़ा-चढाकर और झूठे दावे करने के प्रयास स्वीकार नहीं है. गलवान पर चीन का दावा अतीत की चीन की स्थिति के अनुरूप नहीं है. Also Read - 'सेवा ही संगठन' कार्यक्रम में बोले पीएम मोदी- तारीफ के हकदार हैं बिहार के भाजपा कार्यकर्ता

चीन के दावे का जवाब देते हुए भारत ने कहा कि भारतीय सेनाएं गलवान घाटी समेत भारत-चीन सीमा क्षेत्रों के सभी सेक्टरों में एलएसी के संरेखण से पूरी तरह परिचित हैं. विदेश मंत्रालय ने गलवान घाटी को लेकर कहा कि भारत ने वास्तविक नियंत्रण रेखा के पार किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं की. भारतीय सैनिक लंबे समय से इस इलाके में गश्त करते रहे है और कोई घटना नहीं हुई.

यही नहीं विदेश मंत्रालय ने कहा कि मई की शुरुआत से, चीनी पक्ष इस क्षेत्र में भारत की सामान्य गश्त प्रक्रिया में बाधा डाल रहा है. मंत्रालय ने कहा कि चीनी पक्ष द्वारा अतिक्रमण की गतिविधियों का हमेशा हमारी ओर से उचित जवाब दिया गया है.

इससे पहले शनिवार को प्रधानमंत्री कार्यालय ने स्पष्ट किया कि भारत का क्षेत्र नक्शे में स्पष्ट है, सीमाओं की रक्षा को लेकर सरकार प्रतिबद्ध है. देश की सीमाओं पर किसी तरह का कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है. 15 जून को वास्तविक नियंत्रण रेखा का चीन की ओर से किए जा रहे उल्लंघन को रोकते हुए जवान शहीद हुए थे.

वहीं चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लीजियान ने कहा है कि गलवान घाटी भारत- चीन सीमा के पश्चिमी हिस्से में एलएसी पर चीन की ओर है. उन्होंने कहा, “कई सालों से चीन सीमा के सैनिक क्षेत्र में गश्त करते रहे हैं और ड्यूटी पर रहे हैं.” झाओ ने आरोप लगाया कि इस साल अप्रैल से एकतरफा कदम उठाते हुए गलवान घाटी में एलएसी पर भारतीय सैनिकों ने लगातार सड़कें, पुल और अन्य सुविधाओं का निर्माण किया है.

झाओ ने कहा कि चीन ने कई बार भारत से शिकायत की लेकिन भारत ने और उकसाने वाला कदम उठाते हुए एलएसी को पार कर डाला. उन्होंने कहा कि एलएससी पार कर चीन क्षेत्र में आ गए भारतीय सैनिकों ने 6 मई की सुबह तक किलेबंदी कर दी और बैरिकेड लगा दिए जिससे सीमा पर तैनात चीनी सैनिकों के गश्त में व्यवधान पड़ा. उन्होंने आगे कहा कि भारत ने जानबूझकर उकसाने वाला कदम उठाया जिसने चीन के सैनिकों को परिस्थिति से निपटने के लिए कदम उठाने पर मजबूर कर दिया.