नई दिल्ली: ‘स्वदेशी’ उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार से 1000 से ज्‍यादा विदेशी उत्‍पादों को बिक्री बंद कर दी गई है. एक अधिकारी ने ये जानकारी दी. अधिकारी के मुताबिक जगुआर, यूरेका फोर्ब्स, एचयूएल (खाद्य) के 1,000 से अधिक गैर स्वदेशी उत्पादों की आज से सीएपीएफ की कैंटीन में बिक्री नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा कि इसके अलावा डाबर इंडिया, विक्टोरिनोक्स इंडिया, सैमसंग इंडिया के भी कई उत्पादों को सीएपीएफ कैंटीन से हटाया गया है, क्योंकि वे ‘स्वदेशी’ नहीं हैं.Also Read - जम्मू-कश्मीर: तीन साल में 400 बार हुई मुठभेड़ में कितने आतंकी मारे गए, कितने सुरक्षाकर्मी हुए शहीद, सरकार ने बताया

बता दें कि कुछ दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नाम संबोधन के दौरान स्वदेशी पर जोर देने की अपील की थी. अब इसका असर देखने को भी मिलना शुरू हो गया है. केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार (केपीकेबी) में अब आपको माइक्रोवेव अवन से लेकर फुटवियर और ब्रांडेड उत्पाद जैसे की टॉमी हिल्फिगर की शर्ट नजर नहीं आएंगी. यह फैसला देशभर में पैरामिलिट्री (अर्धसैनिक बलों) कैंटीन का संचालन करने वाली संस्था ने लिया है. Also Read - Indian Army Recruitment 2021: भारतीय सेना में ऑफिसर बनने का गोल्डन चांस, जल्द करें अप्लाई, 2.17 लाख मिलेगी सैलरी

सीएपीएफ कैंटीनों में अब संबंधित उत्पादों की बिक्री न होने की बात एक सरकारी आदेश में कही गई है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 13 मई को घोषणा की थी कि घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के प्रयास के तहत देशभर में सीएपीएफ की 1,700 से अधिक कैंटीनों में एक जून से केवल स्वदेशी उत्पादों की बिक्री ही होगी. Also Read - सिक्किम सेक्टर में भारत और चीन की सेनाओं के बीच हॉटलाइन स्थापित

आदेश में कहा गया है कि जो चीजें ‘‘पूरी तरह से आयातित उत्पादों’’ से बनाई जाती हैं, उन्हें सोमवार से केंद्रीय पुलिस कल्याण भंडार या सीपीएफ कैंटीनों की सूची से हटाया जा रहा है. कुछ खास उत्पादों में आयातित सामान का इस्तेमाल करने वाली और सूची से बाहर हुई कंपनियों में ब्लू स्टार लिमिटेड, बोरोसिल ग्लास वर्क्स लिमिटेड, कोलगेट पामोलिव इंडिया लिमिटेड, डाबर इंडिया लिमिटेड, वीआईपी इंडस्ट्रीज, यूरेका फोर्ब्स, जकुआर, एचयूएल (फूड्स), नेस्ले इंडिया और अन्य शामिल हैं.

आदेश में कहा गया है कि गैर स्वदेशी वस्तुओं को खारिज या सूची से बाहर ‘‘पूरी तरह कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराई गई सूचना के आधार’’ पर किया गया है. सीएपीएफ कैंटीनों का सालाना तौर पर 2,800 करोड़ रुपये का अनुमानित कारोबार है. ये कैंटीन लगभग 10 लाख कर्मियों वाले बलों के 50 लाख परिजनों को विभिन्न सामान बेचती हैं. केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मी आंतरिक सुरक्षा से लेकर सीमा रक्षा तक का दायित्व निभाते हैं.