Kisan Andolan: किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च पर अभी जारी रहेगा ब्रेक, SKM ने बताया आगे का प्लान

Farmers Protests: किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक MSP पर गतिरोध बरकरार है. सरकार ने MSP को लेकर एक फॉर्मूला दिया था, जिसे किसानों ने नामंजूर कर दिया.

Published date india.com Updated: February 23, 2024 10:51 PM IST
Farmers Protests

Kisan Andolan: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च पर फिलहाल ब्रेक जारी रहेगा. संयुक्त किसान मोर्चा (Samyukt Kisan Morcha) ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च (Delhi Chalo March) को 29 फरवरी तक टाल दिया है. इसका मतलब बीते 2 दिनों से किसानों के प्रदर्शन पर जारी ब्रेक 29 फरवरी तक बरकरार रहेगा. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने खनौरी में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि हमने 29 फरवरी तक ‘दिल्ली चलो’ मार्च को टाल दिया है. 29 तारीख को ही आगे की रणनीति पर फैसला करेंगे. उन्होंने घोषणा की कि वे 24 फरवरी को ‘कैंडल मार्च’ निकालेंगे और 26 फरवरी को केंद्र का पुतला फूंकेंगे.

पहले भी 2 दिन स्थगित हुआ था मार्च

इससे पहले बुधवार 21 फरवरी को किसान नेताओं ने ‘दिल्ली चलो’ मार्च दो दिन के लिए स्थगित कर दिया था. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने शंभू बॉर्डर पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा था कि वे शुक्रवार शाम को आगे की रणनीति तय करेंगे.

पुलिस ने दागे आंसू गैस के गोले

इससे पहले आज दिन में पंजाब और हरियाणा की खनौरी सीमा की ओर बढ़ रहे किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हिसार-नारनौंद रोड पर ये किसान खेरी चोपटा गांव से खनौरी सीमा जा रहे थे, उसी दौरान पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले दागे. किसान पिछले कुछ दिनों से पंजाब और हरियाणा की खनौरी सीमा पर डेरा डाले हुए हैं. वे संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के ‘दिल्ली चलो’ आह्वान पर वहां इकट्ठा हुए हैं.

SKM ने मनाया ‘ब्लैक डे’, फूंके पुतले

संयुक्त किसान मोर्चा शुक्रवार को ‘ब्लैक डे’ मनाया और राज्य की सीमा पर 2 जगह डेरा डाले प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ हरियाणा पुलिस की कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं के पुतले फूंके. हरियाणा पुलिस और पंजाब के किसानों के बीच हिंसा में मारे गए किसान शुभकरण सिंह के प्रति शोक व्यक्त करने के लिए ‘SKM ने ‘काला दिवस’ मनाने का आह्वान किया था. भारती किसान यूनियन (एकता उगराहां) ने कहा कि उसने सिंह की मौत के विरोध में पंजाब के 17 जिलों में 47 स्थानों पर प्रदर्शन किया. भारती किसान यूनियन (भाकियू-एकता उगराहां), एसकेएम का हिस्सा है.

किसानों की क्या हैं मांगें?

  • सभी फसलों की एमएसपी पर खरीद की गारंटी का कानून बने.
  • डॉक्टर स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट के हिसाब से कीमत तय हो.
  • किसान और खेत में काम करने वाले मजदूरों का कर्जा माफ हो.
  • 60 साल से ऊपर के किसानों को 10 हजार रुपये पेंशन दी जाए.
  • भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 दोबारा लागू किया जाए.
  • लखीमपुर खीरी कांड के दोषियों को सजा दी जाए.
  • मुक्त व्यापार समझौतों पर रोक लगाई जाए.
  • विद्युत संशोधन विधेयक 2020 को रद्द किया जाए.
  • मनरेगा में हर साल 200 दिन का काम और 700 रुपये दिहाड़ी दी जाए.
  • किसान आंदोलन में मृत किसानों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी मिले.
  • नकली बीज, कीटनाशक दवाइयां और खाद वाली कंपनियों पर कड़ा कानून बनाया जाए.
  • मिर्च, हल्दी और अन्य मसालों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन किया जाए.
  • संविधान की 5वीं सूची को लागू कर आदिवासियों की जमीन की लूट बंद की जाए.

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