केंद्रीय कैबिनेट की बैठक के बाद केंद्र सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस LIVE: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इस बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने इसकी जानकारी दी. बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला साल पूरे होने के बाद सोमवार को पहली बार पूरे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई. मोदी सरकार की कैबिनेट बैठक के बाद बड़े फैसलों की जानकारी देने के लिए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर, नितिन गड़करी और नरेंद्र सिंह तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपलब्ध रहे. प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि आत्मनिर्भर भारत के लिए कई तरह फैसले लिए गए. Also Read - देश के किसी भी हाईवे प्रोजेक्ट में चीनी कंपनियां नहीं की जाएंगी शामिल, भारत सरकार का बड़ा फैसला

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा, “आज PMकी अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक हुई, दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक थी, जिसमें कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए,जिससे किसानों, MSMEs और रेहड़ी पटरी वालों पर एक परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा.” Also Read - यूरोपीय संघ और अमेरिका के बाद अब ब्रिटेन ने भी लगाया पाकिस्तान एयरलाइंस पर बैन, नहीं भर सकेगी उड़ानें

प्रकाश जावडेकर ने कहा कि आज कैबिनेट में किसानों, रेहड़ी-पटरी वालों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. जो एमएसएमई उद्योग संकट में है उन्हें इक्विटी प्रदान करते हुए 20000 करोड़ का पैकेज दिया गया है. आज से एमएसएमई की परिभाषा बदल दी गयी है. Also Read - ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान, पश्चिम बंगाल में जून 2021 तक दिया जाएगा गरीबों को मुफ्त राशन

प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य की कुल लागत का डेढ़ गुना ज्यादा रखने का वादा सरकार पूरा कर रही है। खरीफ फसल 20-21 के 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी कर दिया गया है। इन 14 फसलों पर किसानों को लागत का 50-83% तक ज्यादा दाम हासिल होगा. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, हमारे देश की जीडीपी में 29 फीसदी योगदान MSME का होता है. देश में अभी 6 करोड़ MSME हैं और इस सेक्टर ने 11 करोड़ से ज्यादा रोजगार दिए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की सोमवार 1 जून 2020 को बैठक हुई. केंद्र सरकार द्वारा अपने दूसरे वर्ष के कार्यकाल में प्रवेश करने के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की यह पहली बैठक थी.बैठक में ऐसे ऐतिहासिक फैसले लिए गए जिनका भारत के मेहनती किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम (एमएसएमई) क्षेत्र और रेहड़ी विक्रेताओं के रूप में काम करने वाले लोगों के जीवन पर एक परिवर्तनकारी प्रभाव पड़ेगा.सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम जिन्हें लोकप्रिय रूप से एमएसएमई कहा जाता है भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. देश भर के विभिन्न क्षेत्रों में चुपचाप काम करते हुए 6 करोड़ से अधिक एमएसएमई की एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका है.

कोविड-19 महामारी के बाद प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र निर्माण में एमएसएमई की भूमिका को शीघ्र ही पहचान लिया. इसीलिए एमएसएमईको आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत की गई घोषणाओं का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया.इस पैकेज के तहत एमएसएमई क्षेत्र के लिए न केवल पर्याप्त आवंटन किया गया है, बल्कि अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करने के उपायों के कार्यान्वयन में भी प्राथमिकता दी गई है. कई प्रमुख घोषणाओं से संबंधित कार्यान्वयन पहले ही शुरू किए जा चुके हैं.

केंद्र सरकार ने आज आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत अन्य घोषणाओं के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए रोड मैप भी तैयार किया है. इसमें शामिल है:

एमएसएमई परिभाषा में बढ़ोतरी का संशोधन. यह व्यवसाय करने को आसान बनाने की दिशा में एक और कदम है. यह एमएसएमई क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करने और अधिक नौकरियां पैदा करने में मदद करेगा;

तनावग्रस्त एमएसएमई को इक्विटी सहायता प्रदान करने के लिए अधीनस्थ ऋण के रूप में 20,000 करोड़ रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव आज कैबिनेट द्वारा औपचारिक रूप से अनुमोदित किया गया है. इससे 2 लाख स्ट्रेस्ड एमएसएमई को फायदा होगा.

एमएसएमई के लिए 50,000 करोड़ रुपये के इक्विटी निवेश के लिए प्रस्ताव को भी आज कैबिनेट ने अनुमोदित कर दिया. यह एमएसएमई को ऋण-इक्विटी अनुपात के प्रबंधन और उनकी क्षमता वृद्धि में मदद करने के लिए एक ढांचा तैयार करेगा. यह उन्हें स्टॉक एक्सचेंजों में सूचीबद्ध होने का अवसर भी प्रदान करेगा.

भारत सरकार ने आज एमएसएमई परिभाषा को और संशोधित करने का निर्णय लिया. पैकेज घोषणा में सूक्ष्म मेन्यूफ़ेक्चरिंग और सेवा इकाई की परिभाषा को बढ़ाकर एक करोड़ रुपयों के निवेश तथा 5 करोड़ रुपयों का कारोबार कर दिया गया है.

मोदी कैबिनेट में लिए गए कई अहम फैसले-

  • MSME’s के लिए 50,000 करोड़ की इक्विटी का प्रस्ताव पहली बार आया है.
  • MSME की परिभाषा को और संशोधित किया गया है. संकट में फंसे MSME को मदद दी जाएगी.
  • शहरी और आवास मंत्रालय ने विशेष सूक्ष्म ऋण योजना शुरू की है. ये रेहड़ी-पटरी वालों की मदद के लिए योजना है. इस योजना से 50 लाख लोगों को लाभ मिलेगा.
  • शायद आजाद भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के रेहड़ी-पटरी वालों को लोन देने के लिए कोई योजना लाई गई है.
  • सरकान ने किसानों के लिए बड़े फैसले किए हैं. न्यूनतम समर्थन मूल्य उसकी कुल लागत का डेढ़ गुना ज्यादा रखने का वादा सरकार पूरा कर रही है.
  • 14 फसलों पर किसानों को लागत से 50 फीसदी से 83 फीसदी ज्यादा कीमत मिलेगी
  • खेती और उस जुड़े काम के लिए 3 लाख तक के अल्पकालिक कर्ज के भुगतान की तिथि 31 अगस्त 2020 तक बढ़ाई गई है.
  • वायरस के संकट, लॉकडाउन के समय भी पीएम मोदी की प्राथमिकता में गरीब और किसान रहे.
  • किसानों ने इस बार बंपर पैदावार करके देश को समर्पित किया है.
  • कृषि लागत और मूल्य आयोग की 14 फसलों के लिए सिफारिश आ गई है. कैबिनेट ने इसको मंजूरी दे दी है.