नई दिल्ली: मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में सियासी संकट पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई शुरू हो गई है. बीजेपी नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान की याचिका पर सुनवाई हो रही है. सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस ने वकील के जरिये अपना पक्ष रखते हुए कहा कि 16 विधायकों की मौजूदगी में ही फ्लोर टेस्ट हो. इसके साथ ही ही कांग्रेस के वकील दुष्यंत दवे ने कहा कि क्या अभी फ्लोर टेस्ट की ज़रूरत है? दुनिया इस समय मुश्किल दौर से गुजर रही है. मामले को संवैधानिक बेंच को सौंपा जाए. Also Read - कोरोना के कारण मजदूरों का पलायन: कोर्ट ने तलब की रिपोर्ट, डर दहशत को बताया वायरस से भी बड़ी समस्या

वहीं, मध्य प्रदेश के सीएम कमलनाथ (Kamal Nath) ने कहा कि लोकतंत्र का दमन किया जा रहा है. विधायकों से आखिर क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा है. दिग्विजय सिंह को हिरासत में लिया जाना दुखद है. अगर ज़रूरत रही तो मैं खुद बेंगलुरु जाऊंगा. Also Read - मध्यप्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण से एक और मौत, प्रदेश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 47 हुई

कई दिनों से चल रहे इस संकट के बीच बीजेपी (BJP) और कांग्रेस (Congress) दोनों ने ही सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. बीजेपी का कहना है कि मध्य प्रदेश में सरकार अल्पमत में है और फ्लोर टेस्ट होना चाहिए, जिसमें देरी हो रही है. वहीं, कांग्रेस ने ये कहते हुए याचिका दायर की थी कि कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु में बंधक बनाया गया है, पहले उन्हें छुड़ाया जाए. Also Read - कांग्रेस ने सामूहिक पलायन पर सरकार से पूछे सवाल, कहा- गरीबों की जिंदगी मायने रखती है या नहीं

15 फरवरी को मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष ने कोरोना वायरस के चलते 26 मार्च तक के लिए विधानसभा स्थगित कर दी थी. जबकि राज्यपाल लालजी टंडन इस फैसले के खिलाफ आ गए थे. उन्होंने तुरंत फ्लोर टेस्ट कराए जाने की सलाह दी थी. संवैधानिक रूप से विधानसभा अध्यक्ष राज्यपाल की बात मानने को बाध्य नहीं होते हैं इसलिए राज्यपाल दबाव बनाकर फ्लोर टेस्ट के लिए नहीं कह सकते. बीजेपी चाहती थी कि फ्लोर टेस्ट तुरंत हो, इसीलिए उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया.

वहीं, कांग्रेस विधायकों से मिलने बेंगलुरु पहुंचे कई कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया गया है. दिग्विजय सिंह ने बेंगलुरु कांग्रेसी विधायकों से नहीं मिलने देने पर धरने पर बैठ गए. इसके बाद पुलिस ने उन्हें जबरन उठाकर हिरासत में ले लिया. कर्नाटक के कांग्रेस नेता डी शिवकुमार को भी हिरासत में लिया गया है. इस दौरान दिग्विजय सिंह ने कहा कि अगर विधायक बीजेपी में चले गए हैं, तो आखिर हमें उनसे क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा है. आखिर किस बात का डर है. दिग्विजय सिंह ने कहा कि विधायकों को जबरन डरा धमकाकर रखा गया है.