नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के खिलाफ एक विरोध रैली निकाली. इस रैली में भारी संख्या में लोग शामिल हुए.  सीएम पहले भी कई बार कह चुकी हैं कि वो बंगाल में नागरिकता कानून को लागू नहीं होने देंगी. इस रैली के दौरान उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि वो बंगाल में इस कानून को लागू नहीं होने देंगी. गौरतलब है कि लगातार नागरिकता बिल को लेकर पश्चिम बंगाल में विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है. इस दौरान मुर्शिदाबाद में एक स्टेशन पर आग लगा दी गई. वहीं जाधवपुर विश्वविद्यालय के छात्र भी नए कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ने शहर के बीचों-बीच स्थित रेड रोड से विरोध मार्च शुरू किया. यह मार्च उत्तरी कोलकाता में नोबेल पुरस्कार विजेता प्रख्यात रचनाकार गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर के आवास, जोरासांको ठाकुर बाड़ी पर जाकर समाप्त होगा. रेड रोड से यह जगह करीब चार किलोमीटर की दूरी पर है. इस दौरान बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए एक ‘शपथ’ पढ़ते हुए कहा, “हम बंगाल में एनआरसी और सीएए को कभी लागू करने नहीं देंगे.”

गौरतलब है कि इस रैली को लेकर ममता बनर्जी ने एक ट्वीट कर लिखा- एक विशाल रैली का आज आयोजन किया गया जो असंवैधानिक नागरिकता कानून के खिलाफ है. उन्होंने लिखा इस विरोधी रैली की शुरुआत दोपहर 1 बजे रेड रोड स्थित बाबासाहब अंबेडकर की प्रतिमा के पास से होगी और इस रैली का समापन जोरासांकु ठाकुरबाड़ी पर होगा.

बता दें कि बंगाल में लगातार हो रहे हिंसक प्रदर्शन पर ममता बनर्जी ने रोष जताते हुए कहा कि प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से करें. मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. तनाव पैदा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.