नई दिल्लीः राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जिस बुजुर्ग महिला की मौत कोरोना वायरस से हुई थी उसके अंतिम संस्कार के लिए परिवार वालों को दर दर भटका पड़ रहा है. परिवार निगमबोध घाट सहित कई शमशान घाट गया, लेकिन घाट प्रशासन ने महिला के अंतिम संस्कार की इजाजत नहीं दी. Also Read - कोरोना के खिलाफ लड़ाई में उतरा बॉलीवुड, 'मुस्कुराएगा इंडिया' गाना देख भर आएंगी आंखें, VIDEO

निगम बोध घाट के संचालक का कहना है कि इस बात की जानकारी है कि वह शव को यहां ला रहे हैं लेकिन शव के अंतिम संस्कार का आखिरी निर्णय अस्पताल के डॉक्टर्स ही लेंगे. संचालक ने कहा कि निगम बोध घाट में सिर्फ लकड़ी और सीएनजी से ही अंतिम संस्कार किया जाता है. Also Read - इस्लाम के इतिहास में जो पहले कभी नहीं हुआ, वो हो सकता है इस बार, वजह बनेगा कोरोना वायरस

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आपको बता दें कि 64 वर्षीय महिला की कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बाद राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई थी. परिवार वालों का कहना है कि वह कई शमशान घाट में गए लेकिन प्रशासन ने उऩ्हें अंतिम संस्कार की इजाजत नहीं दी. जब डॉक्टरों से इस बारे में बात किया गया तो उन्होंने कहा कि कुछ सावधानिया बरतने के साथ लकड़ी, सीएनजी या फिर बिजली किसी भी तरह से कोरोना पीड़ित शव का अंतिम संस्कार किया जा सकता है.

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आपको बता दें कि दिल्ली के जनकपुरी में रहने वाला एक व्यक्ति इटली और स्वीटजरलैंड की यात्रा से लौटा था जिसके बाद उसके परिवार के नौ लोगों को निगरानी में रखा गया था. इसके बाद उनकी मां इस खतरनाक वायरस के चपेट में आ गईं थी.