नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया सामूहिक दुष्कर्म व हत्या के चारों दोषियों के खिलाफ नया डेथ वारंट जारी किया है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा जारी डेथ वारंट के मुताबिक निर्भया केस के चारों दोषियों को 3 मार्च को सुबह 6 बजे फांसी दी जाएगी. Also Read - तिहाड़ जेल के नाम दर्ज हुआ एक साथ चार दोषियों को फांसी देने का रिकॉर्ड

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने चारों दोषियों -मुकेश कुमार सिंह (32), पवन गुप्ता (25), विनय कुमार शर्मा (26) और अक्षय कुमार (31) को फांसी देने के लिए नए मृत्यु वारंट जारी किए हैं. दिल्ली की अदालत दोषियों के लिए मौत के नए फरमान जारी करने की मांग करने वाली दिल्ली सरकार और निर्भया के माता-पिता की याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी. Also Read - तीन दशक में 16 अपराधी फांसी पर लटकाए गए, निर्भया के दोषियों से पहले याकुब मेमन को हुई थी फांसी

दरअसल उच्चतम न्यायालय ने अधिकारियों को यह स्वतंत्रता दी थी कि वे दोषियों को फांसी देने के लिए नए मृत्यु वारंट जारी करने के लिए निचली अदालत से गुहार लगा सकते हैं. सबसे पहले फांसी देने की तारीख 22 जनवरी तय की गई थी. लेकिन 17 जनवरी के अदालत के आदेश के बाद इसे टालकर एक फरवरी सुबह छह बजे किया गया था. फिर 31 जनवरी को निचली अदालत ने अगले आदेश तक चारों दोषियों की फांसी की सजा पर रोक लगा दी थी. निर्भया मामले के चारों दोषी तिहाड़ जेल में बंद हैं. Also Read - Nirbhaya Gang Rape and Murder Case Latest Updates: चारों दोषियो को फांसी, निर्भया की मां बोलीं- आज तसल्ली मिली

बता दें कि पटियाला हाउस कोर्ट ने सोमवार को पहले ही कह दिया था कि वह निर्भया मामले के दोषियों की मौत की सजा को तामील करने की नई तारीख का अनुरोध करने वाली याचिकाओं पर जल्द ही फैसला सुनायेगी। जिसके बाद मामले की सुनवाई करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धमेंद्र राणा ने सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था।

सुनवाई के दौरान चारों दोषियों में मुकेश कुमार सिंह ने अदालत से कहा कि वह नहीं चाहता है कि अधिवक्ता वृंदा ग्रोवर उसकी पैरवी करें। तब अदालत ने वकील रवि काजी को उसका पक्ष रखने के लिए नियुक्त किया। अदालत को यह भी सूचित किया गया कि इस मामले का अन्य मुजरिम विनय शर्मा तिहाड़ जेल में भूख हड़ताल पर है।

विनय के वकील ने अदालत से कहा कि जेल में उस पर हमला किया गया और उसके सिर में चोट आयी है। विनय के वकील ने यह भी कहा कि वह गंभीर मानसिक बीमारी से ग्रस्त है इसलिए उसे फांसी नहीं दी जा सकती। तब अदालत ने तिहाड़ जेल के अधीक्षक को कानून के मुताबिक विनय का उपयुक्त ख्याल रखने का निर्देश दिया।

अन्य दोषी पवन गुप्ता के वकील ने अदालत से कहा कि उनका मुवक्किल उच्चतम न्यायालय में सुधारात्मक याचिका और राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दाखिल करना चाहता है। पवन गुप्ता चारों मुजरिमों में एकमात्र ऐसा मुजरिम है जिसने अब तक सुधारात्मक याचिका दायर नहीं की है। यह किसी भी व्यक्ति के लिए आखिरी कानूनी विकल्प होता है जिस पर चैम्बर में निर्णय लिया जाता है। पवन गुप्ता के पास दया अर्जी देने का भी विकल्प है।