Nirbhaya Gangrape and Murder Case: निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले के दोषियों को फांसी देने के लिए एक और लिए रास्ता साफ़ हो गया है. चार में से दो दोषियों की क्यूरेटिव पिटीशन भी सुप्रीम कोर्ट ने खारिज (Curative Petitions dismisses in Supreme Court) कर दी है. सुप्रीम कोर्ट ने दोषी विनय और मुकेश की पिटीशन खारिज कर दी है. 7 जनवरी, 2020 को पटियाला हाउस कोर्ट (Patiala House Court) ने चारों दोषियों को फांसी देने के लिए डेथ वारंट जारी कर दिया था. चारों को 22 जनवरी 2020 को सुबह 7 बजे चारों दोषियों को फांसी दी जाएगी. Also Read - Mafia Mukhtar Ansari को UP लाने पर जोरदार तकरार, मुकुल रोहतगी ने कहा-उसे CM ही बना दो

निर्भया को न्याय: भारत के इतिहास का पहला मौका, जब एक साथ फांसी पर लटकाए जाएंगे ये चार रेपिस्ट Also Read - UPSC Exam: UPSC की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को झटका, नहीं मिलेगा अतिरिक्त मौका

डेथ वारंट जारी होने के बाद भी दोषियों के पास दो और मौके थे. एक क्यूरेटिव पिटीशन और दूसरी मर्सी पिटीशन (दया याचिका), इनमें से सुप्रीम कोर्ट ने क्यूरेटिव पिटीशन खारिज कर दी है. दोषियों के पास राष्ट्रपति के समक्ष मर्सी पिटीशन दायर करने का अब भी विकल्प है. जानकार बताते हैं कि दया याचिका के जरिए भी बचने के आसार कम ही हैं. चारों को फांसी होकर ही रहेगी. दोनों की ज़िन्दगी के सिर्फ 8 दिन बचे हैं. Also Read - क्या हुआ जब कानून के छात्र ने जज को कहा 'योर ऑनर', सुप्रीम कोर्ट ने...

सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अक्षय सिंह की पुनर्विचार याचिका भी खारिज कर दी थी

18 दिसंबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अक्षय सिंह (Akshay singh) की पुनर्विचार याचिका को भी खारिज कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अक्षय सिंह की याचिका पर दलीलें सुनने के बाद फांसी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इसके बाद 7 जनवरी, 2020 को इसकी सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में की गई थी. चारों दोषियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई थी. चारों दोषी इस समय तिहाड़ जेल में बंद हैं. तिहाड़ से ही चारों अपने डेथ वारंट की सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हिस्सा ले रहे थे.

Nirbhaya Case: निर्भया के दोषियों के खिलाफ डेथ वारंट जारी, इस दिन होगी फांसी

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने निर्भया मामले में सभी आरोपियों की फांसी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इस मामले के दोषी अक्षय सिंह सहित चारों दोषियों की फांसी की सजा का रास्ता भी अब साफ हो गया था. दोषियों के पुनर्विचार याचिका पर जस्टिस आर बनुमथी, एएस बोपन्ना और अशोक भूषण की एक नई तीन-न्यायाधीश पीठ ने सुनवाई की थी.

बता दें कि 7 साल पहले 16 दिसंबर 2012 को चल्ती बस में एक 23 साल की लड़की (निर्भया) के साथ गैंगरेप किया गया था. जिसकी घटना के कुछ दिनों बाद मौत हो गई थी. इस अपराध के लिए पवन के अलावा मुकेश, अक्षय और विनय को मौत की सजा सुनाई जा चुकी है.