नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले (Nirbhaya Gangrape and Murder Case) के दोषियों की फांसी का फैसला कुछ ही देर में होगा. पटियाला हाउस कोर्ट में डेथ वारंट पर सुनवाई चल रही है. सुनवाई के दौरान दोषी अक्षय सिंह ने कुछ बोलने की इजाज़त मांगी, लेकिन फिलहाल इजाज़त नहीं दी गई हैं. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अक्षय सिंह की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने दोषी अक्षय सिंह की याचिका पर दलीलें सुनने के बाद फांसी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. आज सात जनवरी को इसकी सुनवाई पटियाला हाउस कोर्ट में की जा रही है. चारों दोषियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हो रही है. चारों तिहाड़ जेल में बंद हैं. तिहाड़ से ही चारों अपने डेथ वारंट की सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए हिस्सा ले रहे हैं.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया मामले में सभी आरोपियों की फांसी की सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. इस मामले के दोषी अक्षय सिंह सहित चारों दोषियों की फांसी की सजा का रास्ता भी अब साफ हो गया था. दोषियों के पुनर्विचार याचिका पर जस्टिस आर बनुमथी, एएस बोपन्ना और अशोक भूषण की एक नई तीन-न्यायाधीश पीठ ने सुनवाई की थी.

18 दिसंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का कहना था कि दोषियों का गुनाह माफी के लायक नहीं है. इसे तो भगवान भी माफ नहीं कर सकते हैं. दोषी का अपराध बेहद गंभीर है. अक्षय कुमार द्वारा दायर की गई पुनर्विचार याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अपने 2017 के फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था, जिसमें उसने गैंगरेप और हत्या मामले में अक्षय को दोषी पाया था. सुप्रीम कोर्ट ने निर्भया गैंगरेप और हत्या के मामले में सभी चार आरोपियों को मौत की सजा सुनाई थी. कोर्ट द्वारा पुनर्विचार याचिका खारिज कर दिए जाने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने खुशी जताई थी.