Nirbhaya Rape Case: निर्भया रेप और हत्या कांड के दोषी मुकेश सिंह को फांसी पर लटकाने का रास्ता साफ हो गया है. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आज उसकी दया याचिका खारिज कर दी. इससे पहले शुक्रवार को ही केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उसकी दया याचिका खारिज करने की सिफारिश की थी. राष्ट्रपति ने गृह मंत्रालय की सिफारिश पर अपनी मुहर लगा दी. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. निर्भया सामूहिक बलात्कार एवं हत्या मामले में मौत की सजा पाए चार दोषियों में से एक मुकेश सिंह ने दया याचिका कुछ दिन पहले ही दायर की थी. Also Read - Tandav Case: सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "कई बार अश्लील कंटेंट दिखाते हैं कुछ OTT प्लेटफॉर्म, स्क्रीनिंग जैसा कोई नियम बनाए केंद्र"

एक अधिकारी ने बताया कि गृह मंत्रालय ने मुकेश सिंह की दया याचिका राष्ट्रपति के पास आज ही भेजी थी. मंत्रालय ने याचिका को अस्वीकार करने की दिल्ली के उप राज्यपाल की सिफारिश दोहराई थी. दिल्ली के उप राज्यपाल ने बृहस्पतिवार को मुकेश सिंह की दया याचिका गृह मंत्रालय को भेजी थी. इसके एक दिन पहले दिल्ली सरकार ने याचिका अस्वीकार करने की सिफारिश की थी. Also Read - परिवार के 7 सदस्‍यों की हत्‍या की दोषी शबनम को रामपुर से बरेली जेल भेजा, जानिए क्‍यों?

दिल्ली की एक अदालत ने चारों दोषियों.. मुकेश सिंह (32), विनय शर्मा (26), अक्षय कुमार सिंह (31) और पवन गुप्ता (25) को सुनाई गई मौत की सजा पर अमल का आदेश ‘‘डेथ वॉरंट’’ सात जनवरी को जारी किया था. उन्हें 22 जनवरी को सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी होनी है. हालांकि दिल्ली सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया कि दोषियों को 22 जनवरी को फांसी नहीं हो पाएगी क्योंकि मुकेश सिंह ने दया याचिका दायर की है. Also Read - Corona Vaccination Latest Updates: सुप्रीम कोर्ट के 30 में से 29 जजों को आज लगेगा टीका, नहीं मिलेगा ऑप्शन