नई दिल्ली: निर्भया गैंगरेप और हत्या (Nirbhaya Gangrape Murder Case) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने दोषी अक्षय कुमार सिंह के पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है. इस फैसले पर निर्भया की मां आशा देवी ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से बेहद खुश हैं. गौरतलब है कि आशा देवी ने पहले भी कहा था कि उन्हें उम्मीद है कि कोर्ट द्वारा आरोपियों की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया जाएगा.

गौरतलब है कि कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले के दोषी अक्षय सिंह सहित चारों दोषियों की फांसी की सजा का रास्ता साफ़ हो गया है. अब ये तय होना है कि फांसी किस दिन होगी. सुप्रीम कोर्ट ने ही चारों को दोषी पाते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. इस पर एक दोषी अक्षय सिंह ने पुनर्विचार याचिका दायर की थी. जस्टिस आर बनुमथी, ए एस बोपन्ना और अशोक भूषण की एक नई तीन-न्यायाधीश पीठ ने इस मामले की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई की.

दोषियों के वकील ओपी सिंह ने कोर्ट में कहा कि मामले को राजनैतिक रूप से प्रभावित किया गया. अभी पिछले कई ऐसे मामलों के आरोपियों को सजा नहीं हुई है. फांसी की सजा भारतीय संस्कृति और मावधिकारों के खिलाफ है. दोषी के वकील ने ये भी कहा कि एक अन्य दोषी राम सिंह की जेल में हुई मौत की जांच क्यों नहीं हुई. वहीं, इस जवाब में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अब इन बातों का क्या महत्व है.

बता दें कि 16 दिसंबर 2012 में निर्भया के साथ बलात्कार की घटना को अंजाम दिया गया था. इसके बाद इलाज के दौरान कुछ ही दिनों बाद निर्भया की अस्पताल में मौत हो गई थी.