Supreme Court Hearing On CAA: सुप्रीम कोर्ट ने देश में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है. शीर्ष अदालत ने इससे संबंधित 143 याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह बात कही. हालांकि अदालत ने कहा कि सीएए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को वह वृहद संविधान पीठ के पास भेज सकता है. प्रधान न्यायाधीश एसए बोबड़े की अध्यक्षता वाली पीठ सीएए की वैधता को चुनौती देने वाली 143 याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है. चीफ जस्टिस ने कहा कि तीन सदस्यीय बेंच इस मामले पर कोई फैसला नहीं दे सकती. उन्होंने कहा कि इस मामले को संविधान पीठ के पास भेजने के बारे में 5 सप्ताह बाद फैसला लिया जाएगा.

केंद्र की ओर से अटॉर्नी जनरल के. के. वेणुगोपाल ने पीठ को बताया कि 143 याचिकाओं में से करीब 60 की प्रतियां सरकार को दी गई हैं. उन्होंने कहा कि सीएए की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली उन याचिकाओं पर जवाब देने के लिए सरकार को समय चाहिए जो उसे अभी नहीं मिल पाई हैं. वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से सीएए के क्रियान्वयन पर रोक लगाने और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की कवायद फिलहाल टाल देने का अनुरोध किया. इसके जवाब में शीर्ष अदालत ने कहा कि वह केंद्र सरकार का पक्ष जाने बिना ऐसा कोई आदेश नहीं दे सकती. कोर्ट ने नई याचिकाओं पर केंद्र सरकार को जवाब देने के लिेए नोटिस भी जारी किया. केंद्र सरकार के इन पर चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करना होगा. शीर्ष अदालत ने कहा कि इस मामले में तीन सदस्यीय बेंच कोई तात्कालिक आदेश नहीं दे सकती.