श्रीनगर में सुरक्षा बलों के साथ रविवार को हुई मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए. ये जानकारी कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने दी. उन्होंने कहा कि शहर के जूनिमार इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर सुरक्षा बलों ने रविवार सुबह इलाके को घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया. Also Read - जम्मू-कश्मीर भाजपा प्रमुख को हुआ कोरोना, जितेन्द्र सिंह और राम माधव ने खुद को किया क्वारंटाइन

विजय कुमार ने बताया, “आतंकियों से सरेंडर के लिए अपील किया गया था पर वो नहीं माने उन्होंने अंदर से ग्रेनेड फेंका जिसके बाद CRPF और आतंकियों के बीच मुठभेड़ शुरू हो गई. तीनों मारे गए हैं, दो की पहचान कर ली गई है एक की करना बाकि है. शवों का पोस्ट मार्टम करवाया जाएगा.” Also Read - Lockdown in Bihar: नहीं रुक रहा कोरोना का प्रसार, बिहार में 16 से 31 जुलाई तक फिर लगेगा कंपलीट लॉकडाउन

कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि कुलगाम में पाकिस्तानी जैश-ए-मोहम्मद आतंकी के कब्जे से एक एके -47, एक एम 4 कार्बाइन और एक पिस्तौल बरामद की गई. उन्होंने कहा, “यह देखा गया है कि जैश के आतंकवादी M4 राइफल लेकर चलते हैं. कल पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया था जिससे एक एम 4 राइफल बरामद हुई थी.” Also Read - बीजेपी में शामिल नहीं होंगे सचिन पायलट, बोले- सीएम का बैक गार्डन बहुमत साबित करने की जगह नहीं है

उन्होंने बताया, “कठुआ की घटना के समय ‘अली भाई’ के नाम का जिक्र सुनने में आया था. जब हमने रिकॉर्ड की जाँच की, तो हमने पाया कि एक पाकिस्तानी आतंकवादी, फुरकान, पुलवामा में सक्रिय है. एम 4 राइफल को पाकिस्तानी ड्रोन द्वारा फुरकान के लिए लाया जा रहा था.”

उन्होंने बताया कि सुरक्षा बल इलाके में आतंकवादियों की तलाश कर रहे थे, तभी आतंकवादियों ने उन पर गोलियां चला दीं. उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई. अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में तीन आतंकवादी मारे गए.

I.G. ने कहा, “मैं सुरक्षा बलों को बधाई देता हूं क्योंकि यह इतिहास में पहली बार है कि आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हिजबुल मुजाहिदीन और अंसार गज़वत-उल हिंद के चार प्रमुख 4 महीने में मारे गए. लीडर्स की मौत से इन संगठनों को भारी नुकसान पहुंचा है.”