नई दिल्ली: रेल मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारतीय रेल किसी भी जिले से ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेन चलाने को तैयार है. उन्होंने कहा कि इसके लिए जिलाधिकारी उनके जिले में फंसे कामगारों की सूची तैयार करेंगे. Also Read - IRCTC NEWS: अगर IRCTC अकाउंट में मोबाइल नंबर, एड्रेस और ई-मेल नहीं किया अपडेट तो बुकिंग में उठानी पड़ सकती है परेशानी

उन्होंने कहा कि जिला कलेक्टरों को राज्य नोडल अधिकारियों के साथ-साथ रेलवे द्वारा नामित नोडल अधिकारियों के साथ समन्वय करना होगा. रेल मंत्री ने कहा, “प्रवासी श्रमिकों को राहत देने के लिए, भारतीय रेलवे देश के किसी भी जिले से ‘श्रमिक स्पेशल’ ट्रेनें चलाने के लिए तैयार है. जिला कलेक्टरों को फंसे हुए श्रमिकों और उनके गंतव्य की सूची तैयार करनी होगी और राज्य नोडल अधिकारी के माध्यम से रेलवे को भेजना होगा.” Also Read - Indian Railway News: अब दिल्ली से नहीं चलेंगी श्रमिक स्पेशल ट्रेनें, जानें क्या है वजह

उन्होंने कहा, “इसके साथ ही, जिला कलेक्टरों को रेलवे के राज्य नोडल अधिकारी को एक सूची और श्रमिकों के गंतव्य का ब्यौरा देना होगा.” Also Read - पहले किया इनकार, फिर भारत के आगे झुका WHO, Corona के इलाज में शुरू किया Hydroxychloroquine का ट्रायल

बता दें कि भारतीय रेलवे ने एक मई से अब तक 1,074 श्रमिक विशेष ट्रेनों का परिचालन किया. इनसे लॉकडाउन के कारण देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे 14 लाख से अधिक प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्य पहुंचाया गया है. रेलवे ने शनिवार को यह जानकारी दी. शुक्रवार को, रेलवे ने कहा कि प्रवासियों के परिवहन के लिए उसे पिछले 15 दिनों में राज्यों से 1,000 से अधिक मंजूरियां मिली हैं.

इन ट्रनों से सबसे अधिक श्रमिक उत्तर प्रदेश पहुंचे. इसके बाद बिहार का स्थान रहा. रेल मंत्री पीयूष गोयल ने प्रवासियों के परिवहन के लिए ट्रेनों के संचालन में उत्तर प्रदेश और बिहार की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि 80 प्रतिशत श्रमिक ट्रेनें इन्हीं दोनों राज्यों में गई हैं.