Lockdown 5.0: कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में लॉकडाउन का चौथा चरण जारी है. लॉकडाउन का चौथा चरण 31 मई को समाप्त हो रहा है. हालांकि इन तमाम उपायों के बावजूद देश में कोरोना के मामले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. ऐसे में लॉकडाउन को 31 मई के बाद भी बढ़ाया जा सकता है. इसको लेकर पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के बीच मंथन चल रहा है. लॉकडाउन को बढ़ाया जाता है तो इस बार कितनी छूट देनी है और कितनी सख्ती रखनी है, इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बीच बैठक चल रही है. Also Read - वैज्ञानिकों ने खोजा कोरोना से जुड़ी गंभीर बीमारियों से बच्चों को बचाने का रहस्य, जानिए क्या है इनका दावा  

बता दें कि इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को सभी मुख्यमंत्रियों से बात की और राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन को 31 मई के बाद बढ़ाए जाने पर उनके विचार जाने. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. Also Read - कोरोना महामारी के बीच फिल्म निर्माता बना रहे हैं ये प्लान, तापसी पन्नू की आगामी फिल्म से हो सकती है शुरुआत

लॉकडाउन के चौथे चरण की समाप्ति से महज तीन दिन पहले गृह मंत्री ने मुख्यमंत्रियों से टेलीफोन पर बातचीत की. कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन सबसे पहले 25 मार्च को लगाया था और इसके बाद इसे तीन बार बढ़ाया जा चुका है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘गृह मंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से बातचीत की और लॉकडाउन को 31 मई के बाद बढ़ाए जाने पर उनके विचार जाने.’’ Also Read - कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किए 4 सवाल, कहा- क्या भारत के दावे को गलवान घाटी में कमजोर किया जा रहा है?

मुख्यमंत्रियों के साथ अपनी बातचीत के दौरान शाह ने राज्यों के चिंताजनक स्थिति वाले क्षेत्रों के बारे में उनके विचार जाने और एक जून के बाद किन क्षेत्रों को खोलना चाहते हैं, इस बारे में भी उनसे राय ली गयी. दिलचस्प है कि अभी तक हर चरण में लॉकडाउन बढ़ाने के पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सभी मुख्यमंत्रियों के साथ बात कर उनके विचार जान रहे थे.

पहली बार गृह मंत्री ने लॉकडाउन के एक और चरण के खत्म होने के पहले मुख्यमंत्रियों से बात कर उनके विचार जाने है. प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्रियों की सभी कॉन्फ्रेंस के दौरान शाह भी मौजूद रहे थे. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि फिलहाल मुख्यमंत्रियों की राय का पता नहीं लग पाया है लेकिन यह समझा जा रहा है कि उनमें से अधिकतर कुछ रूप में लॉकडाउन जारी रखना चाहते हैं. साथ ही वे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और जन-जीवन को सामान्य बनाने के पक्ष में भी हैं.

संभावना है कि अगले तीन दिन में केंद्र सरकार लॉकडाउन पर अपने फैसले की घोषणा कर देगी.

(इनपुट भाषा)