नई दिल्ली: सर्वदलीय बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि न कोई हमारी सीमा में घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. लद्दाख में हमारे 20 जांबाज शहीद हुए, लेकिन जिन्होंने भारत माता की तरफ आँख उठाकर देखा था, उन्हें सबक सिखाया गया. 20 राजनीतिक पार्टियों के साथ सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, “इस विषय पर आप सभी दलों ने जो विचार रखे हैं, वो बहुत ही महत्वपूर्ण हैं। हम सभी देश की सीमाओं की रक्षा में दिन-रात लगे हमारे वीर जवानों के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं. इस सर्वदलीय बैठक के माध्यम से मैं शहीदो के परिवारों को भी ये विश्वास दिलाता हूं की पूरा देश उनके साथ है, पूरा देश उन्हें नमन करता है.” सर्वदलीय बैठक में ज्यादातर विपक्षी दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा जताते हुए कहा कि चीन के खिलाफ सरकार के हर कदम को उनका समर्थन है. राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पूरा देश एकजुट है. Also Read - COVID 19 के हालात पर पीएम नरेंद्र मोदी ने की बैठक, बोले- हर राज्य को अपनाना चाहिए दिल्ली मॉडल

उन्होंने कहा कि पूर्वी लद्दाख में जो हुआ, इसको लेकर आपने रक्षा मंत्री जी और विदेश मंत्री जी को सुना भी और Presentation को भी देखा। न वहां कोई हमारी सीमा में घुस आया है और न ही कोई घुसा हुआ है, न ही हमारी कोई पोस्ट किसी दूसरे के कब्जे में है. Also Read - जो राहुल और प्रियंका गांधी के आक्रामक रुख की सराहना नहीं कर सकते वे कांग्रेस पार्टी में क्यों हैं : दिग्विजय सिंह

पीएम मोदी ने कहा, चाहे वह तैनाती हो, एक्शन हो, काउंटर एक्शन हो… हवा-जमीन-समुद्र में हमारी सेनाओं को देश की रक्षा के लिए जो करना है, वो कर रही है. उन्होंने कहा, “आज हमारे पास ये क्षमता है कि कोई भी हमारी एक इंच जमीन की तरफ आँख उठाकर भी नहीं देख सकता. आज भारत की सेनाएं, अलग-अलग सेक्टर्स में, एक साथ जाने की क्षमता रखती है.” पीएम ने कहा कि बीते वर्षों में देश ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए, बॉर्डर एरिया में इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट को प्राथमिकता दी है. हमारी सेनाओं की दूसरी आवश्यकताओं, जैसे फाइटर प्लेन, आधुनिक हेलीकॉप्टर, मिसाइल डिफेंस सिस्टम आदि पर भी हमने बल दिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों पर पहले बहुत नजर नहीं रहती थी, अब वहां भी हमारे जवान अच्छी तरह से निगरानी और प्रतिक्रिया कर पा रहे हैं. Also Read - भारत स्वच्छ ऊर्जा के लिए सर्वाधिक आकर्षक वैश्विक बाजार के रूप में उभरा है: पीएम मोदी

निश्चित तौर पर, चीन द्वारा LAC पर जो किया गया है, उससे पूरा देश आहत है, आक्रोशित है. ये भावना हमारी इस चर्चा के दौरान भी आप सबके माध्यम से बार-बार दिखाई दी है. मैं आपको भी आश्वस्त कर रहा हूं कि हमारी सेना देश की रक्षा के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है. Deployment हो, Action हो, Counter Action हो, जल-थल-नभ में हमारी सेनाओं को देश की रक्षा के लिए जो करना है, वो कर रही है.

पीएम ने कहा, “आज हमारे पास ये Capability है कि कोई भी हमारी एक इंच जमीन की तरफ आँख उठाकर भी नहीं देख सकता. आज भारत की सेनाएं, अलग-अलग सेक्टर्स में, एक साथ Move करने में भी सक्षम है.” उन्होंने कहा कि ऐसे में, हमने जहां एक तरफ सेना को अपने स्तर पर उचित कदम उठाने की छूट दी है, वहीं दूसरी तरफ डिप्लोमैटिक माध्यमों से भी चीन को अपनी बात दो टूक स्पष्ट कर दी है. भारत, Peace और Friendship चाहता है, लेकिन अपनी Sovereignty की रक्षा हमारे लिए सर्वोपरि है. और आप सबने भी इसी भावना को प्रकट किया है.

प्रधानमंत्री ने कहा बीते वर्षों में देश ने अपनी सीमाओं को सुरक्षित करने के लिए, बॉर्डर एरिया में इंफ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट को प्राथमिकता दी है. हमारी सेनाओं की दूसरी आवश्यकताओं, जैसे Fighter Planes, आधुनिक हेलीकॉप्टर, मिसाइल डिफेंस सिस्टम आदि पर भी हमने बहुत बल दिया है. नए बने हुए इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से खासकर LAC में अब हमारी पेट्रोलिंग की Capacity भी बढ़ गई है. पेट्रोलिंग बढ़ने की वजह से अब सतर्कता बढ़ी है और LAC पर हो रही गतिविधियों के बारे में भी समय पर पता चल रहा है.

पीएम ने कहा, “जिन क्षेत्रों पर पहले बहुत नजर नहीं रहती थी, अब वहां भी हमारे जवान, अच्छी तरह से monitor कर पा रहे हैं, respond भी कर पा रहे हैं. अब तक जिनको कोई पूछता नहीं था, कोई रोकता-टोकता नहीं था, अब हमारे जवान डगर-डगर पर उन्हें रोकते हैं, उन्हें टोकते हैं. बेहतर हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर से एक मदद ये भी मिली है कि हमारे जवान, जो उस कठिन परिस्थिति में वहां तैनात रहते हैं, उन्हें साजो-सामान पहुंचाने में, आसानी हुई है. साथियों, राष्ट्रहित, देशवासियों का हित हमेशा हम सभी की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है.”

उन्होंने आगे कहा, “चाहे ट्रेड हो, कनेक्टिविटी हो, काउंटर टेरेरिज्म हो, भारत ने कभी किसी बाहरी दबाव को स्वीकार नहीं किया है. राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जो भी ज़रूरी कार्य हैं, जो भी जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण है, उसे इसी तरह तेज गति से आगे भी किया जाता रहेगा.” पीएन ने कहा, “मैं आप सभी को, सभी राजनीतिक दलों को फिर से ये आश्वस्त करता हूं कि हमारी सेनाएं, सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह सक्षम हैं. हमने उन्हें यथोचित कार्रवाई के लिए पूरी छूट दी हुई है.”