नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुट निरपेक्ष (NAM) देशों के वर्चुअल सम्मलेन में हिस्सा लिया. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुए इस शिखर सम्मेलन में गुट निरपेक्ष देश के नेताओं ने भाग लिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये गुट निरपेक्ष देशों के नेताओं से बातचीत में कहा कि कोरोना वायरस संकट ने विश्व को वर्तमान अंतरराष्ट्रीय प्रणाली की सीमाओं से परिचित करा दिया है. उन्होंने कहा कि आज पारदर्शिता, समानता और मानवता पर आधारित वैश्वीकरण की एक नई व्यवस्था की आवश्यकता है. Also Read - आतंकी संगठन हिजबुल प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन पर इस्लामाबाद में हमला, चल रहा इलाज

इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर भी निशाना साधा. किसी देश का नाम लिए बिना मोदी ने कहा, “आज जहां विश्व कोविड-19 से मुकाबला कर रहा है वहीं कुछ लोग दूसरे तरह के घातक विषाणु फैलाने में लगे हुए हैं. जैसे कि आतंकवाद. जैसे कि फर्जी खबरें और समुदायों और देशों को बांटने के लिए छेड़छाड़ कर तैयार किये गए वीडियो.” Also Read - Earthquake in Delhi: दिल्ली में भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर 4.6 मापी गई तीव्रता

उन्होंने कहा, “आज, मानवता कई दशकों में पहली बार अपने सबसे गंभीर संकट का सामना कर रही है. इस समय, NAM वैश्विक एकजुटता को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है. NAM अक्सर दुनिया की नैतिक आवाज रहा है. इस भूमिका को बनाए रखने के लिए, NAM को समावेशी रहना चाहिए.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संकट के दौरान हमने दिखाया है कि एक वास्तविक जन आंदोलन बनाने के लिए लोकतंत्र, अनुशासन और निर्णायकता एक साथ कैसे आ सकते हैं. भारतीय सभ्यता पूरी दुनिया को एक परिवार के रूप में देखती है. उन्होंने कहा कि हम अपने नागरिकों की देखभाल करने के साथ-साथ हम अन्य देशों को भी मदद दे रहे हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारी अपनी जरूरतों के बावजूद, हमने अपने 123 साझेदार देशों को चिकित्सा आपूर्ति सुनिश्चित की है, जिसमें गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) के 59 सदस्य शामिल हैं. हम उपचार और टीके विकसित करने के वैश्विक प्रयासों में सक्रिय हैं.”

प्रधानमंत्री ने कहा, “COVID19 का मुकाबला करने के लिए, हमने अपने निकटवर्ती इलाके में समन्वय को बढ़ावा दिया है और हम कई अन्य लोगों के साथ भारत की चिकित्सा विशेषज्ञता को साझा करने के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण का आयोजन कर रहे हैं। अपनी आवश्यकताओं के बावजूद हमने 123 सहयोगी देशों को चिकित्सा आपूर्ति सुनिश्चित की है.”

उन्होंने कहा, “COVID19 ने हमें मौजूदा अंतरराष्ट्रीय प्रणाली की बाधा को दिखाया है। COVID दुनिया में, हमें निष्पक्षता, समानता और मानवता पर आधारित वैश्वीकरण के एक नए टेम्पलेट की आवश्यकता है। हमें उन अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों की आवश्यकता है जो आज की दुनिया के अधिक प्रतिनिधि हैं.”

उन्होंने कहा, “मानवता कई दशकों के सबसे बड़े संकट से गुजर रही है. इस समय गुट निरपेक्ष देश वैश्विक एकजुटता को प्रोत्साहित करने में सहायक हो सकते हैं. गुट निरपेक्ष देश हमेशा विश्व का नैतिक स्वर रहे हैं और इस भूमिका को निभाने के लिए गुट निरपेक्ष देशों को समावेशी रहना होगा.” प्रधानमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के संकट को देखते हुए घरेलू जरूरतों के बावजूद भारत ने करीब 120 देशों को दवा की आपूर्ति की जिनमें 59 गुट निरपेक्ष देश शामिल हैं.

उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी से उबरने के बाद दुनिया को वैश्वीकरण की एक नई व्यवस्था की आवश्यकता होगी. प्रधानमंत्री ने कहा, “कोविड-19 ने हमें वर्तमान अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था की सीमाओं से परिचित कराया है. कोविड-19 से उबरने के बाद के विश्व में हमें पारदर्शिता, समानता और मानवता पर आधारित वैश्वीकरण की नई व्यवस्था की आवश्यकता होगी.”

उन्होंने कहा, “हमें ऐसे अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की आवश्यकता है जो आज के विश्व का बेहतर ढंग से प्रतिनिधित्व कर सकें. हमें केवल आर्थिक उन्नति ही नहीं बल्कि मानव कल्याण को भी प्रोत्साहित करना है. भारत ने लंबे समय तक इन चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया है.”