CWC Meeting Updates: पूरे दिन चले हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक सोमवार को बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हो गई. हालांकि बैठक में इस बात पर सहमति बनी है कि सोनिया गांधी अगले कुछ और महीनों तक पार्टी के अंतरिम अध्यक्ष के पद पर बनी रहेंगी. बैठक में निर्णय लिया गया है कि सोनिया गांधी कुछ महीनों के लिए कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष के रूप में अपने पद पर बनी रहेंगी. Also Read - सोनिया गांधी ने कहा- हाथरस की निर्भया को सरकार और प्रशासन ने मार दिया, देश ये सब देखता नहीं रहेगा

पिछले साल लोकसभा चुनाव में हार के बाद सोनिया गांधी ने पदभार संभाला था, हालांकि एक साल पूरा होने पर उन्होंने पद छोड़ने की इच्छा व्यक्त की थी. उन्होंने पार्टी के नेताओं से अनुरोध किया था कि वे उनकी जगह दूसरा अध्यक्ष चुनें. लेकिन सोमवार को पूरे दिन चली कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में कोई ठोस फैसला नहीं लिया जा सका. जिसके बाद यह तय हुआ कि सोनिया गांधी अपने पद पर बनी रहेंगी. Also Read - COVID पॉजिटिव पाए गए उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू, होम आइसोलेशन में गए

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस कार्यसमिति ने सोनिया गांधी से पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष बने रहने और संगठन को मजबूत करने के लिये बदलाव लाने का अनुरोध किया. इसके अलावा कांग्रेस कार्य समिति ने पार्टी का नया अध्यक्ष चुनने के लिये यथाशीघ्र एआईसीसी (ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी) का सत्र बुलाने का फैसला किया है. Also Read - सोनिया गांधी ने कांग्रेस सरकारों से कहा- कृषि कानूनों को दरकिनार करने के लिए संविधान पर करें गौर, ये संभव है

कांग्रेस नेता और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य, केएच मुनियप्पा ने कहा कि सोनिया गांधी पद पर बनी रहेंगी. उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष का चुनाव जल्द से जल्द होगा यही कार्यसमिति का सर्वसम्मत निर्णय है. केएच मुनप्पा ने आगे कहा, “नेतृत्व को लेकर किसी की भी कोई अलग राय नहीं है और यहां तक कि गुलाम नबी आजाद जी, मुकुल वासनिक जी और आनंद शर्मा जी ने भी लिखित में दिया है कि नेतृत्व पर कोई विवाद नहीं है.”

कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य पीएल पुनिया ने मीटिंग के बाद कहा, “सदस्यों ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी में विश्वास व्यक्त किया और उनसे पार्टी की कमान संभाले रहने आग्रह किया, जिस पर वह सहमत हुईं. नए अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए अगली बैठक जल्द ही बुलाई जाएगी, शायद 6 महीने के भीतर. तब तक, सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष बनी रहने के लिए सहमत हुईं.”