Puri Rath Yatra : सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रतिबंधों के साथ ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा आयोजित करने की अनुमति दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पुरी रथ यात्रा स्वास्थ्य से समझौता किए बिना मंदिर समिति, राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय के साथ आयोजित की जाएगी. प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ को ओडिशा सरकार ने सूचित किया कि वह मंदिर प्रबंधन और केन्द्र के साथ तालमेल करके रथ यात्रा के आयोजन के दौरान चीजों को सुगम बनायेगी. Also Read - विकास दुबे के सिर पर पचास हजार के इनाम का ऐलान, मां बोली- पकड़कर एनकाउंटर कर दो उसका

इससे पहले केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के सामने वार्षिक रथ यात्रा मामले का जिक्र किया और कहा, कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए इसे सार्वजनिक भागीदारी के बिना आयोजित किया जा सकता है. जिस पर ध्यान देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य (ओडिशा) को लगता है कि स्थिति हाथ से निकल रही है तो वह चाहे तो यात्रा या उत्सव को रोक सकता है. न्यायालय ने कहा कि वह रथ यात्रा के आयोजन का बारीकी से प्रबंधन नहीं कर सकता है और इसलिए यह काम केन्द्र, राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन के विवेक पर छोड़ेगा. Also Read - क्षेत्रीय भाषाओं में हो सकती है क्लैट की परीक्षा, बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने इसके लिए बनाई समिति, जानें पूरी डिटेल 

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की सिंगल-जज बेंच 18 जून के अपने पहले के आदेश को संशोधित करने की मांग करने वाली चार याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगी, जो Corona Pandemic के कारण पुरी और ओडिशा के अन्य सभी स्थानों में वार्षिक ‘रथ यात्रा’ पर रोक लगा दी थी. Also Read - बोमन ईरानी इस हॉरर फिल्म से बॉलीवुड में किया था डेब्यू , इंटरव्यू के जरिए बता रहें हैं फिल्मी सफर से जुड़ी दिलचस्प बातें

हालांकि सोमवार को भारत के मुख्य न्यायधीश, एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने पुरी जगन्नाथ मंदिर रथयात्रा मामले की सुनवाई करते हुए इसकी इजाजत दे दी. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एस.ए. बोबडे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सिर्फ पुरी में यात्रा आयोजित करने पर विचार कर रहा है, ओडिशा में और कहीं नहीं. केन्द्र ने भी पीठ को सूचित किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता किये बगैर राज्य सरकार और मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से रथ यात्रा का आयोजन किया जा सकता है. प्रधान न्यायाधीश ने नागपुर में अपने आवास से वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से पीठ की अध्यक्षता की और कहा कि इस बारे में कुछ समय बाद आदेश सार्वजनिक किया जायेगा.

पुरी रथ यात्रा में दुनिया भर से लाखों लोग शामिल होते हैं और यह 23 जून से निर्धारित है. रथ यात्रा उत्सव जहां 23 जून को होना है वहीं ‘बाहुदा जात्रा’ एक जुलाई के लिए निर्धारित है. भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लकड़ी से बने तीन भारी-भरकम रथों को परंपरा के अनुसार हजारों श्रद्धालु नौ दिवसीय उत्सव के दौरान दो बार तीन किलोमीटर की दूरी तक खींचते हैं.