Puri Rath Yatra : सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रतिबंधों के साथ ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा आयोजित करने की अनुमति दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पुरी रथ यात्रा स्वास्थ्य से समझौता किए बिना मंदिर समिति, राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय के साथ आयोजित की जाएगी. प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ को ओडिशा सरकार ने सूचित किया कि वह मंदिर प्रबंधन और केन्द्र के साथ तालमेल करके रथ यात्रा के आयोजन के दौरान चीजों को सुगम बनायेगी.Also Read - Indian Coast Guard Recruitment 2022: इंडियन कोस्ट गार्ड में बंपर भर्ती, यह है आवेदन की अंतिम तिथि

इससे पहले केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के सामने वार्षिक रथ यात्रा मामले का जिक्र किया और कहा, कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए इसे सार्वजनिक भागीदारी के बिना आयोजित किया जा सकता है. जिस पर ध्यान देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य (ओडिशा) को लगता है कि स्थिति हाथ से निकल रही है तो वह चाहे तो यात्रा या उत्सव को रोक सकता है. न्यायालय ने कहा कि वह रथ यात्रा के आयोजन का बारीकी से प्रबंधन नहीं कर सकता है और इसलिए यह काम केन्द्र, राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन के विवेक पर छोड़ेगा. Also Read - Beating Retreat Ceremony 2022: PM मोदी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह होंगे शामिल, 1000 ड्रोन के साथ होगा लाइट शो

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की सिंगल-जज बेंच 18 जून के अपने पहले के आदेश को संशोधित करने की मांग करने वाली चार याचिकाओं पर आज सुनवाई करेगी, जो Corona Pandemic के कारण पुरी और ओडिशा के अन्य सभी स्थानों में वार्षिक ‘रथ यात्रा’ पर रोक लगा दी थी. Also Read - IAF AFCAT Admit Card 2022: एएफकैट भर्ती परीक्षा का एडमिट कार्ड हुआ जारी, ऐसे करें डाउनलोड

हालांकि सोमवार को भारत के मुख्य न्यायधीश, एस.ए. बोबडे की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ ने पुरी जगन्नाथ मंदिर रथयात्रा मामले की सुनवाई करते हुए इसकी इजाजत दे दी. भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एस.ए. बोबडे ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सिर्फ पुरी में यात्रा आयोजित करने पर विचार कर रहा है, ओडिशा में और कहीं नहीं. केन्द्र ने भी पीठ को सूचित किया कि नागरिकों के स्वास्थ्य से समझौता किये बगैर राज्य सरकार और मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से रथ यात्रा का आयोजन किया जा सकता है. प्रधान न्यायाधीश ने नागपुर में अपने आवास से वीडियो कांफ्रेन्सिंग के माध्यम से पीठ की अध्यक्षता की और कहा कि इस बारे में कुछ समय बाद आदेश सार्वजनिक किया जायेगा.

पुरी रथ यात्रा में दुनिया भर से लाखों लोग शामिल होते हैं और यह 23 जून से निर्धारित है. रथ यात्रा उत्सव जहां 23 जून को होना है वहीं ‘बाहुदा जात्रा’ एक जुलाई के लिए निर्धारित है. भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लकड़ी से बने तीन भारी-भरकम रथों को परंपरा के अनुसार हजारों श्रद्धालु नौ दिवसीय उत्सव के दौरान दो बार तीन किलोमीटर की दूरी तक खींचते हैं.