नई दिल्ली: कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में जारी लॉकडाउन के बीच देश में मजदूरों और प्रवासियों को हो रही समस्याओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. उच्चतम न्यायालय ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं और मुसीबतों का स्वत: संज्ञान लिया और कहा कि इस मामले पर 28 मई को सुनवाई की जाएगी. Also Read - राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से किया सवाल, पूछा- क्या अब भी भारत कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अच्छी स्थिति में है?

न्यायालय ने केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर प्रवासी मजदूरों को परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए उठाये गये कदमों पर जवाब मांगा है. न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 28 मई की तारीख तय की और सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से प्रवासी मजदूरों के विषय पर न्यायालय की सहायता करने को कहा है. Also Read - छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया का बड़ा बयान, बोले- अब भाजपा में हैं सचिन पायलट

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कामगारों की परेशानियों का संज्ञान लेते हुये केन्द्र, राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों से 28 मई तक जवाब मांगा है. इन सभी को न्यायालय को बताना है कि इस स्थिति पर काबू पाने के लिये उन्होंने अभी तक क्या कदम उठाये हैं.