नई दिल्ली: कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए देश में जारी लॉकडाउन के बीच देश में मजदूरों और प्रवासियों को हो रही समस्याओं को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया है. उच्चतम न्यायालय ने देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे प्रवासी श्रमिकों की समस्याओं और मुसीबतों का स्वत: संज्ञान लिया और कहा कि इस मामले पर 28 मई को सुनवाई की जाएगी.Also Read - Assembly Elections 2022: चुनाव आयोग ने रैलियों-रोड शो पर रोक 31 जनवरी तक बढ़ाई, थोड़ी सी राहत भी दी

न्यायालय ने केंद्र, राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को नोटिस जारी कर प्रवासी मजदूरों को परेशानियों से मुक्ति दिलाने के लिए उठाये गये कदमों पर जवाब मांगा है. न्यायालय ने मामले की सुनवाई के लिए 28 मई की तारीख तय की और सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता से प्रवासी मजदूरों के विषय पर न्यायालय की सहायता करने को कहा है. Also Read - CoronaVirus In India: एक दिन में मिले 3,37,704 नए कोरोना मरीज, 482 लोगों की मौत, जिन्दगी के लिए वैक्सीन है जरूरी!

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति एम आर शाह की पीठ ने कामगारों की परेशानियों का संज्ञान लेते हुये केन्द्र, राज्य सरकारों और केन्द्र शासित प्रदेशों से 28 मई तक जवाब मांगा है. इन सभी को न्यायालय को बताना है कि इस स्थिति पर काबू पाने के लिये उन्होंने अभी तक क्या कदम उठाये हैं. Also Read - Supreme Court का आदेश- ट्विन-टावर में घर खरीदारों को ब्याज सहित रकम वापस करे सुपरटेक, समय सीमा 28 फरवरी तक