नई दिल्ली: टिड्डी दल गुरुग्राम से होते हुए अब दिल्ली में भी प्रवेश कर गया है. ये जानकारी दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने शनिवार को एक आपात बैठक के बाद दी. बता दें कि देश की राजधानी में शनिवार को टिड्डी दल के हमले की आंशका के मद्देनजर दिल्‍ली सरकार ने आपात बैठक बुलाई गई थी. Also Read - उत्तरप्रदेश के इन जिलों में मंडरा रहा है टिड्डी दलों का खतरा, अभी से हो जाएं सचेत

बैठक के बाद गोपाल राय ने बताया कि टिड्डियों की छोटी टुकड़ी दिल्ली के बॉर्डर पर जसोला घाटी में घुसा आई है. उन्होंने कहा, “हमने वन विभाग को ढोल, DJ बजाने और केमिकल छिड़काव करने का आदेश दिया है. दक्षिण, पश्चिम और दक्षिणी-पश्चिमी जिले के DM को डिविजनल कमिश्नर के माध्यम से डायरेक्शन दी कई है, इन जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.” Also Read - हरियाणा, यूपी में टिड्डियों के हमले को रोकने के लिए राजस्थान से भेजी गईं टीमें

कृषि विभाग से दिल्ली में टिड्डी दल के हमले की आशंका को देखते हुए सभी जिला मजिस्ट्रेट और उप मंडलीय मजिस्ट्रेट को विस्तार से परामर्श जारी करने के निर्देश दिए गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि मंत्री ने टिड्डी दल को भगाने के लिए वन विभाग को डीजे बजाने, ढोल और ड्रम बजाने के लिए भी कहा है. उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को गुरुग्राम के पास के इलाकों का दौरा करने के निर्देश दिए. Also Read - Locusts Attack in Delhi: टिड्डियों के हमले से फसलों को कैसे बचाएं? ये रहे सरकार के बताए कारगर उपाय

अधिकारियों ने बताया कि विकास सचिव, मंडल आयुक्त, निदेशक, कृषि विभाग और दक्षिण तथा पश्चिम दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट बैठक में शामिल हुए. इससे पहले दिन में टिड्डी दल हरियाण के गुरुग्राम पहुंचा और अनेक स्थानों पर आसमान में टिड्डियों का जाल सा छा गया. अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल इनके राष्ट्रीय राजधानी का रुख करने के आसार नहीं है.

करीब दो किलोमीटर में फैले टिड्डी दल उपनगरीय शहर को पार करते हुए दिल्ली-गुरुग्राम सीमा पर पहुंचे लेकिन दिल्ली का रुख नहीं किया. टिड्डी चेतावनी संगठन, कृषि मंत्रालय से जुड़े के़ एल. गुर्जर ने कहा, ‘‘टिड्डी दल पश्मिच से पूर्व की ओर आए हैं. इन्होंने पूर्वाह्न लगभग 11.30 बजे गुरुग्राम में प्रवेश किया.’’ उन्होंने बताया कि टिड्डी दल बाद में हरियाणा के पलवल की ओर बढ़ गए.

गुरुग्राम के अनेक निवासियों ने ऊंची इमारतों से टिड्डियों के पेड़-पौधों पर और मकानों की छतों पर छा जाने के वीडियो साझा किए. टिड्डी दल बेवर्ले पार्क, गार्डन एस्टेट और हैरिटेज सिटी के अलावा दिल्ली से लगती सीमा पर सिकंदरपुर की इमारतों के ऊपर भी देखे गए.

बता दें कि दिल्‍ली सरकार ने यह फैसला तब लिया जब, आज शनिवार को गुरुग्राम में टिड्डी दल ने हमला कर दिया. इससे पहले राष्ट्रीय राजधानी में टिड्डी के संभावित हमले को लेकर दिल्ली के श्रम और विकास मंत्री गोपाल राय ने आज एक आपात बैठक बुलाई थी. इस बैठक में विकास सचिव, डिविजनल कमिश्नर, कृषि निदेशक और जिला मजिस्ट्रेट भी इसमें मौजूद रहे.

दिशानिर्देश-

  • दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें.
  • किसी प्लास्टिक शीट के साथ बाहर रखे पौधों को कवर करके रखें.
  • झुंड आमतौर पर दिन के समय में उड़ते हैं और रात में आराम करते हैं. इसलिए, रात के समय भी उन्हें आराम करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए और भगाने का प्रयास करें.
  • मालाथियन या क्लोरोपायरीफॉस का नाइट स्प्रे उपयोगी है. सुरक्षा के लिए छिड़काव करते समय पीपीई किट का उपयोग करें.

वहीं गुड़गांव और रेवाड़ी में टिड्डियों के दल के पहुंचने के बाद हरियाणा सरकार ने भी हाई-अलर्ट जारी किया है और अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक्टर पर दवा छिड़कने वाली मशीन लगाने समेत सभी जरूरी उपाय किए गए हैं. राजस्थान से पहुंचा टिड्डियों का यह दल महेंद्रगढ़ जिले से गुजरते हुए शुक्रवार शाम रेवाड़ी जिले के जतुसाना और खोल प्रखंडों के विभिन्न गांवों में फैल गया.

शनिवार को यह दल झज्जर जिले की ओर रवाना हुआ और फिर गुरुग्राम में घुसकर इस ‘मिलेनियम सिटी ’के आसमान में फैल गया. ये टिड्डियां पेड़ों, घरों की छतों आदि स्थानों पर बैठ गयीं. टिड्डियों के हमले से परेशान लेागों ने उनके वीडियो साझा किए. गुरुग्राम में कई स्थानों पर लोगों ने टिड्डियों के घरों में घुस जाने की आशंका से अपनी खिड़कियां बंद कर लीं.