नई दिल्ली: लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के पास पैंगोंग सो झील और गलवान घाटी में चीनी सेना तेजी से अपने सैनिकों की संख्या बढ़ा रही है और इसके जरिये यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि वह भारतीय सेना के साथ टकराव की स्थिति शीघ्र समाप्त करने के लिए तैयार नहीं है. विवादित क्षेत्र में स्थिति की जानकारी रखने वाले व्यक्तियों ने यह जानकारी दी.Also Read - Live Score Updates IND vs SA 3rd ODI: धवन-राहुल ने की बल्‍लेबाजी की शुरुआत, सामने है 288 रन का लक्ष्‍य

उन्होंने बताया कि चीनी पक्ष ने विशेष रूप से गलवान घाटी में अपनी उपस्थिति बढ़ाई है और गत दो सप्ताह में लगभग सौ टेंट लगाए हैं. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना की कड़ी आपत्ति के बावजूद चीन क्षेत्र में बंकर बनाने के लिए आवश्यक मशीनें ला रहा है. बढ़ते हुए तनाव के बीच भारतीय सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने लेह स्थित 14वीं कोर के मुख्यालय का शुक्रवार को दौरा किया और सेना के उच्च अधिकारियों के साथ एलएसी के पास क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की. Also Read - IND vs SA, 3rd ODI: सीरीज में Ravichandran Ashwin बुरी तरह फ्लॉप, टीम में चयन से खफा Sanjay Manjrekar

सैन्य सूत्रों ने कहा कि पैंगोंग सो झील और गलवान घाटी में भारतीय सेना चीनी सेना के मुकाबले में कहीं ज्यादा बेहतर स्थिति में है. पूर्वी लद्दाख में पांच मई की शाम को लगभग 250 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद स्थिति खराब हो गई थी. इस हिंसा में सौ भारतीय और चीनी सैनिक घायल हो गए थे. उत्तरी सिक्किम में नौ मई को इसी प्रकार की घटना घटी थी. Also Read - Virat Kohli के खिलाफ लोग हैं, उनसे कप्तानी छुड़वाई गई: Shoaib Akhtar

पिछले एक सप्ताह में लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र में चीनी सैनिकों ने कई बार अतिक्रमण करने का प्रयास किया. हालांकि इस पर प्रतिक्रिया देने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई. सूत्रों के अनुसार पिछले एक सप्ताह में दोनों देशों की सेनाओं के स्थानीय कमांडरों ने कम से कम पांच बैठकें की जिसमें भारतीय पक्ष ने चीन की पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) द्वारा गलवान घाटी में बड़ी संख्या में तंबू लगाने पर कड़ी आपत्ति दर्ज की और कहा कि यह भारत का क्षेत्र है.

भारत ने बृहस्पतिवार को कहा था कि चीनी सेना भारतीय सैनिकों की सामान्य गश्त में बाधा उत्पन्न कर रही है और भारत ने सीमा प्रबंधन को लेकर हमेशा दायित्वपूर्ण रवैया अपनाया है.

(इनपुट भाषा)