नई दिल्ली: स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में COVID19 पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या बढ़कर 46,711 हो गई है. इनमें 31,967 एक्टिव मामले हैं. कोरोना वायरस से सोमवार शाम से 194 और मौतें होने से मृतक संख्या बढ़कर 1,583 हो गई है. वहीं 13,160 लोग ठीक / डिस्चार्ज हुए हैं जिनमें एक व्यक्ति विदेश जा चुका है. ये नए आंकड़े हैं. Also Read - NDA 2.0 Govt: मोदी सरकार 2.0 के एक साल हुए पूरे, क्या आपने ने भी सुना पीएम का यह Audio Message

मंत्रालय ने सोमवार सुबह आठ बजे से मंगलवार सुबह आठ बजे तक के मामलों और मौतों का आंकड़ा भी जारी किया. उसने कहा कि इस 24 घंटे की अवधि में भारत में एक दिन में रिकॉर्ड 195 मौतें और 3,900 मामले सामने आये जिसमें कोविड-19 से होने वाली मौतों की संख्या बढ़कर 1,568 और मामले बढ़कर 46,433 हो गए. Also Read - NDA 2.0 Govt: कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लंबी है लेकिन हम विजय पथ पर चल पड़े हैं : पीएम मोदी

मंत्रालय द्वारा मंगलवार को अद्यतन किये गए आंकड़ों के अनुसार, ऐसे व्यक्तियों जिनका कोविड-19 के लिए इलाज किया जा रहा है उनकी संख्या 31,967 है जबकि 13,160 लोग ठीक हुए हैं, वहीं एक मरीज बाहर चला गया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने देश में कोविड​​-19 की स्थिति पर एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘इस प्रकार, अब तक लगभग 28.17 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं.’’ Also Read - America China Coronavirus Dispute: अब अमेरिकी विश्विद्यालय में नहीं पढ़ पाएंगे चीनी छात्र! राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की ये घोषणा...

इससे पहले अपने डेली बुलेटिन में स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, ‘‘हम एक संक्रामक रोग से जूझ रहे हैं. इसलिए मामलों की समयबद्ध जानकारी और उनका प्रबंधन अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा कुछ राज्यों में इन क्षेत्रों में अंतर देखा गया.’’ मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 1,020 रोगी ठीक हुए हैं जिससे ठीक होने वालों की संख्या अब 12,726 हो गई है तथा ठीक होने की दर 27.41 प्रतिशत है. अग्रवाल ने कहा, ‘‘अब कोविड-19 के मामलों के प्रबंधन में हम बहुत सहज हैं, लेकिन फील्ड स्तर पर किसी भी ढिलाई के परिणाम सही नहीं होंगे.’’

यह रेखांकित करते हुए कि कोविड-19 संक्रमित रोगियों के प्रत्येक संपर्क का पता लगाना अत्यंत महत्वपूर्ण है, अग्रवाल ने कहा कि निषेध क्षेत्र स्थित केंद्रों में या अन्यत्र, अत्यंत गंभीर श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) और इन्फ्लुएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) के लक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण डेटा उपलब्ध कराते हैं और आगे की कार्रवाई के लिए निर्देशित करते हैं. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के परिणाम बहुत सकारात्मक रहे हैं. लॉकडाउन से पहले मामले जहां 3.4 दिन में दोगुने हो रहे थे, वहीं अब यह 12 दिन में हो रहा है. प्रयासों की गति बनाए रखने में यह महत्वपूर्ण है.