नई दिल्लीः केरल में प्रकाशित होने वाली गृहलक्ष्मी मैगजीन के कवर पर बच्चे को ब्रेस्ट फीडिंग कराती मॉडल और मैगजीन के खिलाफ एक वकील ने अश्लीलता फैलाने के आरोप में केस दर्ज कराया है. वकील विनोद मैथ्यू ने केरल के कोलम की सीजेएम कोर्ट में मैगजीन के पब्लिशर और मॉडल के खिलाफ केस दर्ज कराया है. इस मामले में 16 मार्च को सुनवाई होगी. गृहलक्ष्मी के संपादक का कहना है कि मैगज़ीन माओं की सार्वजनिक जगहों पर स्तनपान कराने की ज़रूरत के प्रति लोगों को जागरूक करना चाहती थी. मैगजीन के कवर पेज पर इस तस्वीर के साथ लिखा है कि माएं केरल से कह रही हैं – घूरो मत, हम स्तनपान कराना चाहती हैं. Also Read - Tips: स्तनपान समय पूर्व जन्मे शिशुओं में दिल के रोगों को रोकने में मददगार

मॉडल जोसेफ का कहना है कि मैं वहीं करती हूं जो मुझे लगता है कि वह मेरे लिए ठीक है. मैं फेल हो सकती हूं लेकिन मुझे इसका कोई अफसोस नहीं है. महिलाओं को बिना किसी निषेध और डर के आजादी के साथ ब्रेस्टफीड कराना चाहिए. आर्टिकल में यही संदेश भी था, लेकिन लोग इसपर आपत्ति जताने लगे, वो भी बिना जाने कि मैं क्या कहना चाह रही हूं. मैगजीन गृहलक्ष्मी के मार्च का यह अंक रिलीज होने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी. Also Read - मॉडल शायून मेंडेलुक ने करवाया बोल्ड फोटोशूट, बिना ढके बच्चे को पिलाया दूध

यह भी पढ़ेंः ट्रेन में सफर के दौरान श्री श्री रविशंकर ने कराया युगल का विवाह Also Read - ब्रेस्ट फीड कराने पर लोगों ने किया शर्मनाक कमेंट, कहा- तुम गाय नहीं हो लिजा हेडन

मॉडल के फैसले से खुश नहीं था परिवार
27 साल की मॉडस गीलू जोसफ ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के बारे में जैसे ही उन्हें बताया गया, वह तुरंत राजी हो गईं. उन्होंने कहा कि लोग भले ही इसे घृणा की नजरों से देखें, लेकिन मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. अंग्रेजी अखबार से हुई बातचीत में जोसफ ने बताया कि उनके इस फैसले से उनकी मां और दो बहनें नाखुश थीं. उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि वह उनकी भावनाओं का सम्मान करती हैं, लेकिन मैग्जीन के लिए यह फोटो शूट कराना उनका अपना फैसला है जिसे कोई नहीं रोक सकता. हालांकि गीलू जोसफ मां नहीं हैं.

होती रही है आलोचना
हालांकि यह पहला मौका नहीं है कि ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर पब्लिक में ब्रेस्टफीडिंग पर बहस हो रही है. पिछले साल ऑस्ट्रेलिया की एमपी लरिसा वाटर ने वहां की संसद में अपने 14 हफ्ते के बच्चे को ब्रेस्टफीडिंग करते हुए संबोधित किया था. टाइम और बेबीटॉक जैसी मैगजीन भी को भी इस तरह के कवर फोटो छापने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है.