नई दिल्ली. ब्रिटेन की एक कोर्ट ने विजय माल्या के मामले में भारत की तिहाड़ जेल को सुरक्षित करार दिया है. क्रिकेट मैच फिक्सिंग के आरोपी संजीव चावला के केस में कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि तिहाड़ में भारतीय भगोड़ों का प्रत्यर्पण किया जा सकता है. ऐसे में ब्रिटेन के कोर्ट का यह फैसला विजय माल्या के प्रत्यर्पण केस के लिए भी अहम हो सकता है. Also Read - ब्रिटिश PM ने खुद बताया- 'मैं कोरोना से संक्रमित हो गया हूं', 1 घंटे में 60 लाख लोगों ने देखा ये VIDEO

लंदन हाईकोर्ट के जस्टिस लेगाट और जस्टिस डिंगेमैन्स ने अपने फैसले में कहा है कि दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में भारतीय मूल के ब्रिटिश नागरिक संजीव चावला की जान को किसी तरह का खतरा नहीं है. बता दें कि इससे पहले भारत की ओर से चावला के इलाज का भरोसा दिया गया था. इसके बाद लंदन हाईकोर्ट ने यह बात कही है. एक्सपर्स का मानना है कि लंदन हाईकोर्ट के इस फैसले का असर विजय माल्या के केस पर भी होगा. इस मामले में नए फैसले के लिए केस वेस्टमिन्सटर मजिस्ट्रेट कोर्ट को ट्रांसफर होगा. Also Read - कोरोना इफेक्ट: तिहाड़ से कैदियों की रिहाई संभव, सुप्रीम कोर्ट के आदेश का इंतजार!

विदेश मंत्री लेंगे अंतिम फैसला 
ब्रिटेन के विदेश मंत्री चावला के प्रत्यर्पण के संबंध में आखिरी फैसला लेंगे, लेकिन इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. यही नहीं इसके बाद लंदन के सुप्रीम कोर्ट में भी फैसले को चैलेंज किया जा सकता है. ऐसे में चावला के तुरंत प्रत्यर्पण पर बात कब बनती है, इस पर सवाल खड़े हो रहे हैं. लेकिन माल्या के केस में भी इसका असर पड़ेगा. Also Read - फांसी के फंदे पर झूले निर्भया के दोषी: पीएम मोदी ने कहा- न्याय जीता, महिलाओं को सम्मान मिलना चाहिए

भारतीय जेल को बताया था असुरक्षित
बता दें कि विजय माल्या लगातार इस बात को कह रहे हैं कि भारत की जेले असुरक्षित हैं और वहां उनकी जान को खतरा है. ऐसे में अब ब्रिटिश अदालत से उसके प्रत्यर्पण को मंजूरी मिल सकती है. माल्या ने विडियो जारी करके के भी कई बार कहा है कि भारत की जेलों में उसे जान का खतरा है. इसी मुद्दे पर वह कोर्ट पहुंचे हैं.