नई दिल्ली: बीआरओ ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 94 पर ऋषिकेश-धारसू रोड पर चंबा शहर के नीचे 440 मीटर लंबी सुरंग तैयार की है, जिसकी मदद से सभी मौसम में चारधाम-गंगोत्री, केदारनाथ, यमुनोत्री और बद्रीनाथ तक पहुंचा जा सकता है. ऑस्‍ट्रल‍ियाई  तकनीक से बनी इस सुरंग से निर्धारित तिथि से तीन महीने पहले ही अक्टूबर 2020 में सुरंग से यातायात शुरू हो जाएगाAlso Read - Uttarakhand Lockdown Latest Uodate: चार धाम यात्रा स्थगित, सीएम रावत ने कहा-घर से ही पूजा कर लें, VIDEO

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को ऋषिकेश- धारसू रोड़ पर व्यस्त चंबा कस्बे के नीचे 440 मीटर लंबी सुरंग बनाने के लिए सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की तारीफ की और इसे महामारी के दौरान राष्ट्र-निर्माण की दिशा में एक ‘असाधारण उपलब्धि’ करार दिया. Also Read - केदारनाथ मंदिर के कपाट खुले, पीएम मोदी की ओर से हुई पहली पूजा

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सड़क परिवहन, राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा, ”मैं इस वैश्विक महामारी के बीच राष्ट्र निर्माण में अपने असाधारण योगदान के लिए पूरी बीआरओ टीम को बधाई देता हूं. केदारनाथ में तबाही आने के बाद से ही हम चारधाम के लिए सभी मौसम में संपर्क स्थापित करने को लेकर प्रतिबद्ध थे और इस दिशा में यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है.”

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि इस सुरंग से यातायात की गति को सुचार बनाने, भीड़भाड़ कम करने और चंबा शहर तक पहुंच को बेहतर बनाने के साथ ही चारधाम यात्रा के लिए आवाजाही को आसान बनाने और आर्थिक समृद्धि लाने में मदद मिलेगी.

गडकरी ने कहा कि चंबा सुरंग के निर्माण में नवीनतम ऑस्ट्रियाई प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने कहा कि निर्धारित तिथि से तीन महीने पहले ही अक्टूबर 2020 में सुरंग से यातायात शुरू हो जाएगा.

परियोजना के इस हिस्से के तहत 88 करोड़ रुपए की लागत से 6 किलोमीटर सड़क और 440 मीटर लंबी सुरंग बनाई जा रही है. बीआरओ ने जनवरी 2019 में सुरंग के उत्तरी छोर पर काम शुरू किया था.

बीआरओ लगभग 12,000 करोड़ रुपए की लागत वाली 900 किलोमीटर लंबी चारधाम परियोजना के तहत गंगोत्री और बद्रीनाथ के पवित्र मंदिरों की ओर जाने वाले 250 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण कर रहा है.