नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जकार्ता में हाल में सम्पन्न एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले दिल्ली के 11 खिलाड़ियों को मंगलवार को सम्मानित किया. कुश्ती में कांस्य पदक जीतने वाली महिला पहलवान दिव्या काकरन ने दिल्ली की आप सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अभी तो आपने इतना कर दिया, लेकिन जब मुझे वाकई में हेल्प की जरूरत थी तो किसी ने कुछ नहीं किया. उन्होंने कहा कि अगर हमें शुरू में सरकार का सपोर्ट मिला होता तो आज हम गोल्ड मेडल लाते. उन्होंने सीएम से शिकायत करते हुए कहा कि एशियन गेम्स की तैयारी के लिए आपने कहा था कि जो आवश्यकता है बाता दें. दिव्या ने कहा कि मैंने लिख कर दिया था, लेकिन उसके बाद मेरा फोन तक नहीं उठाया गया. Also Read - CM केजरीवाल के पीएस का मामला: DIG ने लोक अभियोजक को मारा घूंसा, CBI ने जांच शुरू की

दिव्या ने आगे कहा कि हम बेशक गरीब हैं, लेकिन हम बहुत कुछ करना चाहते हैं. उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि जब खिलाड़ियों को वाकई में सपोर्ट की जरूरत होती है तो सरकार की तरफ से मदद नहीं मिल पाती. दिव्या ने कहा कि मैं लकी थी, मुझे भगवान और कोच का साथ मिला और मैं यहां तक पहुंच गई. लेकिन जो बच्चे हैं जो अच्छा करना चाहते हैं. उन्होंने हरियाणा का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के खिलाड़ियों ने ज्यादा मेडल जीता है, जबकि उनकी तुलना में दिल्ली पीछे रह गई. Also Read - राजधानी में दोगुने हुए कोरोना के मामले, अब अरविंद केजरीवाल दिल्लीवासियों को करेंगे फोन

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को तीन करोड़ देती है. तीन करोड़ बहुत होते हैं. यहां अब एक करोड़ हुआ है. पहले 20 लाख ही मिलता था. हरियाणा में कहते हैं कि दूध है, घी है. खाना, दूध घी यहां भी है, लेकिन सपोर्ट नहीं है. दिल्ली सरकार की कोशिश होनी चाहिए कि अगली बार ज्यादा से ज्यादा गोल्ड मेडल आए.

इसके जवाब में दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पहले जो पॉलिसी थी उसमें कई सारी खामियां थी. जबसे हमारी सरकार बनी है हम उसे सुधार रहे हैं. उन्होंने दिव्या से कहा कि आपकी बात बिल्कुल सही है. हमारे पास अन्य खिलाड़ी भी आते थे और बताते थे कि उन्हें किस तरह की दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. हमारी पॉलिसी को ऊपर से रोक दिया जाता था. 28 अगस्त की कैबिनेट मीटिंग में हम ये कर पाए और राशि को बढ़ाकर एक करोड़ किया.

उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार ने दो पॉलिसी बनाई है. सीएम ने कहा कि जो नेशनल या इंटरनेशनल स्तर पर एक बार भी मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों की सरकार मदद करेगी. प्लेयर की संख्या तय नहीं होगी. वहीं एक कमेटी बनेगी जो उन खिलाड़ियों पर नजर रखेगी जो भविष्य में अच्छा कर सकते हैं. सीएम ने कहा कि इन दो पॉलिसी के लागू होने के बाद आपको शिकायत का मौका नहीं मिलेगा.