नई दिल्ली. दिल्ली की रहने वाली एक महिला को 8 साल पहले मृत घोषित कर दिया गया था. लेकिन, हाल के एक व्हाट्सऐप फोटो से उसके जिंदा होने की सूचना मिली. मामला पुलिस तक पहुंचा और उसके बारे में डिटेल से जानकारी लेने पर पुलिस को पता चला कि वह दिल्ली में ही एक घर में बिना पैसे के काम करने को मजबूर है. Also Read - पेड़ पर लटकी मिली दो बहनों की लाश, सुसाइड नोट पर मामा पर लगाया रेप का आरोप, आरोपी गिरफ्तार

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, कथित तौर पर अपहरणकर्ता सूरज माही ने 8 साल पहले पीड़िता के घर वालों को सूचना दी थी कि उनकी बेटी की मौत हो गई है. सूरज पालकोट ब्लॉक का रहने वाला है. इसके बाद उसने पीड़िता को एक प्लेसमेंट एजेंसी को बेच दिया. Also Read - क्राइम ब्रांच अफसर बन व्यापारी को किया किडनैप, दिल्ली पुलिस ने फ़िल्मी अंदाज़ में जाल बिछाकर पकड़ा

एक प्रोग्राम में खीची गई फोटो
8 साल बाद प्लेसमेंट एजेंसी ने एक प्रोग्राम रखा था, जिसमें उसने स भी लोगों को बुलाया. इसमें गुमला की ही रहने वाली एक दूसरी लड़की ने पीड़िता को पहचान लिया और उसकी फोटो क्लिक करके उसके गांव में ही रहने वाले एक युवक को भेज दी. बात बसिया थानांतर्गत कुरुम गांव में रहने वाली पीड़िता के परिजनों तक पहुंची और उन्होंने उसे पहचान लिया. Also Read - पूरे परिवार के आत्महत्या मामले में पूर्व डीआईजी, चार अन्य को आठ वर्ष की कैद

घर वालों ने पहचाना
पीड़िता के भाई ने गुमला में ही पुलिस से पूरे मामले की शिकायत की है. उसने दिल्ली के ही रहने वाले रॉकी सिंह के खिलाफ भी इस मामले में शामिल होने को लेकर शिकायत की है. सूचना पर पुलिस की कई टीम पूरे मामले की जांच कर रही है. पुलिस ने कई जगह दबिश दी है और गिरोह के सरगना की तलाश कर रही है.