नई दिल्ली: आर्मी के जवान औरंगजेब का शनिवार को पुंछ जिले के पैत्रिक गांव में अंतिम संस्कार कर दिया गया. शहीद जवान के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में मौजूद लोग मौजूद रहे. इस मौके पर औरंगजेब अमर रहे के नारे गूंजते रहे. अंतिम संस्कार के बाद औरंगजेब के भाई ने कहा कि पीएम मोदी से यही बोलना चाहते हैं कि जो हुआ है बहुत बुरा हुआ है. हमारे भाई के बदले हमारे को 100 चाहिए. उन्होंने कहा कि मेरे भाई टाइगर औरंगजेब के बदले मेरे को 100 चाहिए, अगर नहीं दे सकते तो बता दो हम खुद लेंगे.

उन्होंने कहा कि उन्हें पता है कि कैसे लेने हैं. लेकिन अगर हम सरकार के पास हैं तो सबसे पहले फैसला सरकार को लेना है. अगर सरकार फैसला नहीं देगी तो हम खुद लेंगे. उन्होंने कहा कि 44 सीओ साहब से रिक्वेस्ट है. उन्होंने कहा कि सीओ से रिक्वेस्ट है कि कल शाम यानी रविवार शाम तक ड्राइवर की फोटो फोन नंबर और ड्राइवर हमे चाहिए. हमारा भाई 44 आरआर से आया है पहले मैं 44 आरआर में जाउंगा उसके बाद में भाई को ढूंढूंगा फिर बाद मैं बाकी सरकार से बात करूंगा कि क्या करना है.

इससे पहले औरंगजेब के पिता ने कहा था कि वो भी सिपाही हैं, 72 घंटे की मोहलत देते हैं वरना खुद बदला लेंगे. उन्होंने कश्मीर के नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि श्रीनगर में बैठे नेता चाहें वो किसी भी पार्टी के हों, वे लोगों को मरवा रहे हैं. इन नेताओं को कश्मीर से बाहर निकाला जाना चाहिए. शहीद राइफलमैन औरंगजेब के पिता ने कहा था कि सोचा था बेटे और पूरे परिवार के साथ ईद मनाऊंगा. लेकिन जालिमों ने ऐसा होने नहीं दिया. उन्होंने कहा, साल 2003 से अब तक आंतक का सफाया क्यों नहीं हुआ. बुरा करने वाले भी तो मुसलमान ही हैं. जो बुरा करता है उसके साथ बुरा होता है. औरंगजेब का शहीद होना मेरा ही नुकसान नहीं है. ये पूरे कश्मीर का नुकसान है.

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले से औरंगजेब का आतंकवादियों ने अपहरण कर लिया था और उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया था. कंपनी कमांडर के करीबी औरंगजेब ईद मनाने के लिए अपने घर राजौरी जा रहे थे कि उसी दौरान पुलवामा के कालम्पोरा से आतंकवादियों ने उनका अपहरण कर लिया. पुलिस और सेना के संयुक्त दल को औरंगजेब का शव कालम्पोरा से करीब 10 किलोमीटर दूर गुस्सु गांव में मिला था. उनके सिर और गर्दन पर गोलियों के निशान थे. 4 जम्मू – कश्मीर लाइट इन्फेंटरी के औरंगजेब फिलहाल शोपियां के शादीमार्ग स्थित 44 राष्ट्रीय राइफल में तैनात थे.